दीनी कॉन्फ्रेंस के लिए जालना तैयार, देशभर से उलेमा करेंगे शिरकत
जालना।
जालना शहर के खरपुड़ी रोड स्थित दारुल उलूम रज़विया लतीफ़िया मिस्बाहुल उलूम के तत्वावधान में आगामी शनिवार, 24 जनवरी को दीनी कॉन्फ्रेंस एवं जलसा-ए-दस्तार-ए-हिफ़्ज़ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस बड़े दीनी कार्यक्रम को लेकर दारुल उलूम परिसर में तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही हैं और आयोजन समिति अंतिम चरण की व्यवस्थाओं में जुटी हुई है। दीनी कॉन्फ्रेंस जालना.
आयोजकों के अनुसार, इस दीनी कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न राज्यों से उलेमा-ए-कराम, हफ़्फ़ाज़-ए-क़ुरआन और नामचीन नातख़्वान जालना पहुंचेंगे। सम्मेलन के दौरान दीनी, सामाजिक और शैक्षणिक विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही समाज और उम्मत की बेहतरी के लिए भविष्य में किए जाने वाले कार्यों को लेकर विचार-विमर्श कर अहम निर्णय भी लिए जाएंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए गुलज़ार मस्जिद के पेश इमाम मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने बताया कि यह कार्यक्रम नमाज़-ए-मगरिब के बाद रात 11 बजे तक दारुल उलूम के परिसर मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह जलसा खास तौर पर “ताजदार-ए-बग़दाद” की अकीदत और मुहब्बत में आयोजित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम की सरपरस्ती तबीब-ए-मिल्लत मौलाना अब्दुल हमीद साहब (सीतामढ़ी, बिहार) करेंगे। वहीं, सज्जादा-नशीन ख़ानक़ाह-ए-फ़िरदौसिया, चिश्तिया, मख़दूमिया, सुब्हानिया, बलहरी शरीफ़, पुरा बाज़ार (अयोध्या), फ़ैज़ाबाद, उत्तर प्रदेश से तशरीफ़ ला रहे आले-रसूल औलाद-ए-अली अल्लामा मौलाना सैय्यद अब्दुर्ररब मख़दूमी (चाँद बाबू) विशेष रूप से मौजूद रहेंगे और प्रमुख वक्ता के रूप में अपने विचारों से लोगों का मार्गदर्शन करेंगे।
नात-ए-पाक पेश करने के लिए शहंशाह-ए-तरन्नुम मौलाना सोहेल रज़ा जाफ़राबादी (बलरामपुर, उत्तर प्रदेश) शिरकत करेंगे, जबकि कार्यक्रम की निज़ामत शाही रज़ा (मरकज़ी किशनगंज, बिहार) द्वारा की जाएगी।
इसके अलावा मुफ़क्किर-ए-इस्लाम मौलाना महमूद अली सुब्हानी अज़हरी (मुंब्रा), ख़तीब-ए-ज़ीशान मौलाना सईद अहमद, ख़तीब-ए-अहले सुन्नत मौलाना खलील सुब्हानी (मुंबई) सहित कई नामचीन उलेमा और हफ़्फ़ाज़-ए-क़िराम की उपस्थिति इस जलसे को और भी यादगार बनाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मगरिब की नमाज़ के बाद लंगर-ए-ग़ौस-ए-आज़म का विशेष आयोजन किया जाएगा। साथ ही मगरिब से ईशा तक दारुल उलूम के छात्रों द्वारा तालीमी मुज़ाहिरा प्रस्तुत किया जाएगा, जो इस जलसे का एक महत्वपूर्ण आकर्षण रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर ख़ुसूसी दुआ कराई जाएगी।
आयोजक समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गुलज़ार मस्जिद, मंगल बाज़ार से जलसागाह तक आने-जाने हेतु वाहनों की विशेष व्यवस्था की गई है। मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने जालना शहर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शिरकत कर इस दीनी व रूहानी आयोजन को सफल बनाएं और फ़ैज़याब हों। दीनी कॉन्फ्रेंस जालना.

🔴 मुख्य बिंदु (Highlights)
- 📌 जालना में दीनी कॉन्फ्रेंस एवं जलसा-ए-दस्तार-ए-हिफ़्ज़ का भव्य आयोजन
- 📅 शनिवार, 24 जनवरी 2026 को होगा ऐतिहासिक दीनि इज्तिमा
- 📍 दारुल उलूम रज़विया लतीफ़िया मिस्बाहुल उलूम, खरपुड़ी रोड में आयोजन
- 🌙 नमाज़-ए-मगरिब के बाद रात 11 बजे तक चलेगा कार्यक्रम
- 🇮🇳 देशभर से उलेमा-ए-कराम, हफ़्फ़ाज़-ए-क़ुरआन और नातख़्वान लेंगे भाग
- 🎙️ अल्लामा सैय्यद अब्दुर्ररब मख़दूमी (चाँद बाबू) रहेंगे प्रमुख वक्ता
- 🎵 नात-ए-पाक पेश करेंगे शहंशाह-ए-तरन्नुम मौलाना सोहेल रज़ा जाफ़राबादी
- 🕌 जलसा “ताजदार-ए-बग़दाद” की अकीदत में आयोजित
- 🍽️ मगरिब के बाद लंगर-ए-ग़ौस-ए-आज़म का विशेष इंतज़ाम
- 🎓 दारुल उलूम के छात्रों द्वारा तालीमी मुज़ाहिरा भी होगा
- 🚐 गुलज़ार मस्जिद से जलसागाह तक वाहनों की विशेष व्यवस्था
- 🤲 जलसे के समापन पर ख़ुसूसी दुआ
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. जालना में दीनी कॉन्फ्रेंस कब आयोजित की जाएगी?
उत्तर: जालना में दीनी कॉन्फ्रेंस एवं जलसा-ए-दस्तार-ए-हिफ़्ज़ का आयोजन शनिवार, 24 जनवरी 2026 को किया जाएगा।
Q2. दीनी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किस समय होगा?
उत्तर: यह कार्यक्रम नमाज़-ए-मगरिब के बाद शुरू होकर रात 11 बजे तक चलेगा।
Q3. जालना की दीनी कॉन्फ्रेंस का आयोजन कहां होगा?
उत्तर: यह दीनी कॉन्फ्रेंस दारुल उलूम रज़विया लतीफ़िया मिस्बाहुल उलूम, खरपुड़ी रोड, जालना के परिसर मैदान में आयोजित की जाएगी।
Q4. दीनी कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन से प्रमुख उलेमा शिरकत करेंगे?
उत्तर: कॉन्फ्रेंस में देशभर से नामचीन उलेमा-ए-कराम शामिल होंगे, जिनमें मौलाना अब्दुल हमीद (सीतामढ़ी), अल्लामा सैय्यद अब्दुर्ररब मख़दूमी (अयोध्या), मौलाना महमूद अली सुब्हानी अज़हरी (मुंब्रा) सहित कई वरिष्ठ उलेमा शामिल हैं।
Q5. क्या दीनी कॉन्फ्रेंस में नात और तालीमी कार्यक्रम भी होंगे?
उत्तर: हां, कार्यक्रम में नात-ए-पाक पेश की जाएगी और दारुल उलूम के छात्रों द्वारा तालीमी मुज़ाहिरा भी प्रस्तुत किया जाएगा।
Q6. क्या दीनी कॉन्फ्रेंस में लंगर की व्यवस्था रहेगी?
उत्तर: जी हां, मगरिब की नमाज़ के बाद लंगर-ए-ग़ौस-ए-आज़म का विशेष आयोजन किया गया है।
Q7. जलसे में आने-जाने के लिए कोई व्यवस्था की गई है क्या?
उत्तर: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गुलज़ार मस्जिद, मंगल बाज़ार से जलसागाह तक वाहनों की विशेष व्यवस्था की गई है।
Q8. क्या आम नागरिक दीनी कॉन्फ्रेंस में शामिल हो सकते हैं?
उत्तर: हां, आयोजकों ने जालना शहर और आसपास के क्षेत्रों के सभी लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शिरकत कर इस दीनी व रूहानी आयोजन को सफल बनाएं।

- Czech Culture and Traditions: A Beginner’s GuideLearn about Czech culture and traditions, including language, music, glassmaking, puppetry, folklore, food, festivals and regional identity.
- Czechia Regions Explained: A Simple Guide to Czech Travel RegionsA simple guide to Czechia’s tourism regions, including Prague, Central Bohemia, South Bohemia, Moravia, Silesia and the country’s mountain and spa areas.
- Best Time to Visit Czechia: Weather, Seasons and Travel TipsLearn when to visit Czechia for Prague sightseeing, hiking, festivals, autumn scenery, Christmas markets and winter mountain trips.
- Czech Food Guide: 20 Famous Foods and Dishes to Try in CzechiaExplore 20 Czech foods and dishes, including svíčková, goulash, roast duck, kulajda, smažený sýr, koláče and traditional pastries.
- Prague Travel Guide: Best Places to Visit, Things to Do and Travel TipsA practical Prague travel guide covering Prague Castle, Charles Bridge, Old Town Square, museums, neighborhoods, food and public transport.
