नववर्ष की नई सुबह: पारसी और फारसी समुदाय में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया नवरोज़ 2025
20 मार्च 2025, भारत: आज पारसी और फारसी समुदायों द्वारा पारंपरिक उल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ नवरोज़ (Nowroz या Nowruz) पर्व मनाया गया। यह पर्व वसंत ऋतु की शुरुआतसौर नववर्ष
◆ नवरोज़ का इतिहास और सांस्कृतिक महत्व
Nowruz की जड़ें प्राचीन फारसी सभ्यताZoroastrian धर्मNowruzसंयुक्त राष्ट्र व UNESCO
◆ पारंपरिक रस्में और उत्सव
नवरोज़ के दिन सुबह से ही घरों की सफाई‘हफ्त सीन’ (Haft-Seen)
- Sabzeh: अंकुरित बीज – पुनर्जन्म और विकास का प्रतीक
- Seer: लहसुन – स्वास्थ्य और औषधीय गुण
- Seeb: सेब – सौंदर्य और स्वास्थ्य
- Samanu: मीठा हलवा – समृद्धि का प्रतीक
- Senjed: सूखे बेर – प्रेम और उर्वरता
- Serkeh: सिरका – धैर्य और वृद्धावस्था
- Somaq: सुमाक – सूर्योदय और जीत का प्रतीक
◆ पारसी समुदाय की विशेष पूजा
इस अवसर पर पारसी समुदाय आगियारी (Fire Temple)
◆ कुछ खास व्यंजन जो नवरोज़ में बनाए जाते हैं:
- Ravo: पारसी सूजी का हलवा
- Dhansak: मसूर, सब्जी और मीट का मिश्रण
- Sali Boti: मटन ग्रेवी और फ्राइड आलू
- Faluda: पारंपरिक ठंडा पेय
◆ देशभर में उत्सव का माहौल
मुंबई, पुणे, सूरत, हैदराबाद, दिल्ली‘नवरोज़ मुबारक’सामूहिक भोजधार्मिक संगीतसांस्कृतिक कार्यक्रमों
◆ नवरोज़ का संदेश
Nowroz केवल एक पर्व नहीं बल्कि शांति, समृद्धि, प्रेम और नए आरंभ

Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

















