रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 और 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद (Council of Heads of Government) की 25वीं बैठक में भारत की ओर से शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय ने 18 अक्टूबर को जारी बयान में बताया कि बैठक में सदस्य देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग, निवेश, कनेक्टिविटी और नवाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
बैठक का एजेंडा क्या है?
सरकारी बयान के मुताबिक, बैठक में SCO देशों के बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसके अलावा अब तक चल रही सहयोग गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा होगी और संगठन के वित्तीय व संस्थागत मामलों पर भी फैसले लिए जा सकते हैं। सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क (people-to-people exchanges) को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।
शासनाध्यक्ष परिषद SCO का वह मंच है जहां सदस्य देशों के प्रधानमंत्री या उनके नामित प्रतिनिधि संगठन के आर्थिक कामकाज और बजट जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं। राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन से अलग, इस बैठक का फोकस मुख्य रूप से व्यावहारिक और आर्थिक सहयोग पर होता है।
भारत के लिए क्यों अहम?
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत SCO के कई तंत्रों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेता है, जिनमें स्टार्टअप और नवाचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं। मध्य एशिया के साथ व्यापार और कनेक्टिविटी भारत की लंबे समय से प्राथमिकता रही है, और ताजिकिस्तान इस क्षेत्र में भारत का अहम साझेदार है। ऐसे मंच पर भारत अपने डिजिटल भुगतान और सार्वजनिक डिजिटल ढांचे के अनुभव को साझा करने की कोशिश करता रहा है।
पिछली शासनाध्यक्ष परिषद बैठक 18 नवंबर 2025 को रूस की राजधानी मॉस्को में हुई थी, जिसमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस बार रक्षा मंत्री को भेजा जाना बताता है कि सरकार इस बैठक को उच्च स्तर पर ले रही है। SCO से जुड़ी पिछली चर्चाओं पर हमारी रिपोर्ट यहां पढ़ें: SCO बैठक में भारत-चीन की अहम बातचीत।
आम पाठकों के लिए इसका मतलब
SCO जैसे मंचों पर होने वाले व्यापार और कनेक्टिविटी समझौतों का असर लंबी अवधि में निर्यात, ऊर्जा आपूर्ति और नए बाजारों तक पहुंच पर पड़ता है। महाराष्ट्र के कृषि और औद्योगिक उत्पाद, जैसे मराठवाड़ा का स्टील और कपास से जुड़े उद्योग, नए बाजारों की तलाश में रहते हैं। हालांकि किसी एक बैठक से तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए; ठोस नतीजे बाद के समझौतों और नीतियों में दिखते हैं।
राजनाथ सिंह इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं, जिनमें जालना से जुड़ा एक सम्मान समारोह भी शामिल था (पढ़ें)।
मुख्य बातें / Key facts
- बैठक: SCO शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक
- तारीख: 19–20 अक्टूबर 2026
- स्थान: दुशांबे, ताजिकिस्तान
- भारत की ओर से: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- एजेंडा: व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, नवाचार, संस्थागत व वित्तीय मामले
- पिछली बैठक: मॉस्को, 18 नवंबर 2025
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
SCO में कौन-कौन से देश हैं?
SCO एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान और मध्य एशिया के कई देश सदस्य हैं।
शासनाध्यक्ष परिषद और शिखर सम्मेलन में क्या फर्क है?
शिखर सम्मेलन राष्ट्राध्यक्षों का होता है, जबकि शासनाध्यक्ष परिषद मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग और संगठन के बजट जैसे व्यावहारिक मुद्दे देखती है।
आधिकारिक बयान: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रक्षा मंत्रालय।
स्रोत / Source: PIB (रक्षा मंत्रालय) — https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2324860
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