जेद्दा: सऊदी अरब में बन रहा जेद्दा टावर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ताजा निर्माण अपडेट के मुताबिक टावर की संरचना अब 113वीं मंजिल और करीब 454 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गई है। यह ऊंचाई मलेशिया के पेट्रोनास ट्विन टावर्स से भी ज्यादा है।
पूरा होने के बाद जेद्दा टावर की ऊंचाई 1,000 मीटर से अधिक रखने की योजना है। अगर परियोजना तय योजना के मुताबिक पूरी होती है, तो यह दुबई के 828 मीटर ऊंचे बुर्ज खलीफा को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बन सकता है। हालांकि अंतिम ऊंचाई और पूरा होने की समय-सीमा निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेगी।
113 मंजिल और 454 मीटर तक पहुंचा जेद्दा टावर
2 सितंबर 2026 को प्रकाशित निर्माण अपडेट के अनुसार जेद्दा टावर 113 मंजिल तक पहुंच चुका था और इसकी ऊंचाई 454 मीटर दर्ज की गई। 4 सितंबर को Council on Vertical Urbanism ने भी 31 अगस्त तक 454 मीटर और 113वीं मंजिल का आंकड़ा दर्ज किया।
इस उपलब्धि के साथ जेद्दा टावर ने मलेशिया के पेट्रोनास टावर्स की करीब 452 मीटर ऊंचाई को पार कर लिया है। अब अगला बड़ा लक्ष्य 500 मीटर के आसपास पहुंचना और फिर 1 किलोमीटर से अधिक की अंतिम ऊंचाई हासिल करना है।
बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड टूटने की तैयारी
दुबई का बुर्ज खलीफा 828 मीटर की ऊंचाई के साथ फिलहाल दुनिया की सबसे ऊंची पूर्ण इमारत है। इसके मुकाबले जेद्दा टावर को 1,000 मीटर से अधिक ऊंचाई के लिए डिजाइन किया गया है। इसलिए पूरा होने पर जेद्दा टावर इस रिकॉर्ड को करीब 172 मीटर या उससे अधिक के अंतर से पीछे छोड़ सकता है।
167 मंजिलों की योजना, होटल और लग्जरी रेजिडेंस भी होंगे
जेद्दा टावर को मिश्रित उपयोग वाली गगनचुंबी इमारत के रूप में विकसित किया जा रहा है। उपलब्ध परियोजना जानकारी के मुताबिक इसमें लगभग 167 मंजिलें होंगी। टावर में लग्जरी होटल, रेजिडेंशियल स्पेस, सर्विस्ड अपार्टमेंट और ऑफिस स्पेस जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
सबसे ऊंचे ऑब्जर्वेशन डेक की भी योजना
जेद्दा टावर की सबसे खास खूबियों में इसका ऊंचाई पर बनाया जाने वाला ऑब्जर्वेशन एरिया भी शामिल है। परियोजना के डिजाइन में दुनिया के सबसे ऊंचे ऑब्जर्वेशन अनुभवों में से एक देने की योजना है। इतनी ऊंचाई पर निर्माण के लिए हवा, तापमान और संरचनात्मक दबाव को ध्यान में रखते हुए विशेष इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
लंबे समय तक रुका रहा था निर्माण
जेद्दा टावर का निर्माण वर्ष 2013 में शुरू हुआ था, लेकिन बाद में परियोजना को लंबे समय तक रुकावट का सामना करना पड़ा। एक समय तक निर्माण करीब 63 मंजिल पर अटका रहा। इसके बाद परियोजना को दोबारा गति मिली और 2025 के दौरान निर्माण तेजी से आगे बढ़ा।
Construction Briefing के अनुसार Saudi Binladin Group को परियोजना पूरी करने के लिए करीब 7.2 अरब सऊदी रियाल यानी लगभग 1.9 अरब डॉलर का नया अनुबंध दिया गया। मौजूदा योजना के मुताबिक टावर को 2028 के आसपास पूरा करने का लक्ष्य है।
आर्किटेक्ट कौन हैं?
जेद्दा टावर का डिजाइन Adrian Smith + Gordon Gill Architecture ने तैयार किया है। एड्रियन स्मिथ बुर्ज खलीफा के डिजाइन से भी जुड़े रहे हैं। टावर की खास आकृति को तेज हवाओं और अत्यधिक ऊंचाई से पैदा होने वाली इंजीनियरिंग चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
क्यों खास है जेद्दा टावर?
- वर्तमान निर्माण: 113 मंजिल
- वर्तमान ऊंचाई: करीब 454 मीटर
- प्रस्तावित अंतिम ऊंचाई: 1,000 मीटर से अधिक
- प्रस्तावित मंजिलें: लगभग 167
- मौजूदा विश्व रिकॉर्ड: बुर्ज खलीफा, 828 मीटर
- लक्ष्य: दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनना
क्या जेद्दा टावर सच में बुर्ज खलीफा को पीछे छोड़ देगा?
मौजूदा निर्माण प्रगति और प्रस्तावित डिजाइन के आधार पर जेद्दा टावर के बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ने की पूरी संभावना है। लेकिन यह रिकॉर्ड तभी आधिकारिक रूप से बदलेगा जब टावर पूरा होकर अपनी अंतिम ऊंचाई हासिल कर लेगा। फिलहाल 454 मीटर का पड़ाव इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तेज रफ्तार का संकेत जरूर देता है।
स्रोत: Construction Briefing, Council on Vertical Urbanism, Dar Al-Handasah और अन्य परियोजना संबंधी सार्वजनिक जानकारी।

