नई दिल्ली/पेरिस, 29 अक्टूबर 2026. भारत के संस्कृति मंत्रालय और फ्रांस की राष्ट्रीय पुस्तकालय संस्था बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस (BnF) के बीच भारतीय पांडुलिपियों और दस्तावेजी विरासत के संरक्षण के लिए समझौता हुआ है. समझौता ज्ञापन पर 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में हस्ताक्षर किए गए, जबकि मंत्रालय ने इसकी जानकारी 27 अक्टूबर को जारी की.
किन अधिकारियों ने किए हस्ताक्षर?
भारत की ओर से संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और फ्रांस की ओर से BnF के अध्यक्ष जिल पेकू ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. यह सहयोग भारत के ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत किया गया है. इसमें राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली और राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता भी शामिल हैं.
पांच क्षेत्रों में होगा सहयोग
सरकारी जानकारी के अनुसार समझौते में पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल भंडार के जरिए जानकारी साझा करना, तकनीकी आदान-प्रदान, संरक्षण और अनुसंधान एवं विकास शामिल हैं. फ्रांस के संग्रहों में मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियों की पहचान और डिजिटलीकरण पर भी काम किया जाएगा.
शोधकर्ताओं को क्या लाभ होगा?
दोनों पक्ष पांडुलिपियों के सूचीकरण, भारतीय लिपियों के लिए डिजिटल पाठ पहचान तकनीक, संरक्षण विधियों और शोध में अनुभव साझा करेंगे. संयुक्त कार्यशालाएं, प्रशिक्षण, प्रदर्शनियां तथा शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान की भी योजना है. डिजिटल सामग्री तक पहुंच संबंधित अधिकारों और अनुमति के अनुसार होगी.
आधिकारिक स्रोत: संस्कृति मंत्रालय की 27 अक्टूबर की मूल प्रेस विज्ञप्ति. पृष्ठभूमि: ज्ञान भारतम मिशन की जानकारी. संबंधित समाचार: तवांग में इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट.
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