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जालना में पक्षी सप्ताह के अवसर पर पक्षी निरीक्षण कार्यक्रम सम्पन्न — 32 से अधिक पक्षी प्रजातियों का हुआ अवलोकन

जालना: पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जनजागरण के उद्देश्य से पक्षी सप्ताह के अवसर पर जालना जिले में एक भव्य पक्षी निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन अरण्यऋषि मारुति चितमपल्ली के जन्मदिन (5 नवंबर) और प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी डॉ. सलीम अली की पुण्यतिथि (12 नवंबर) के उपलक्ष्य में आयोजित पक्षी सप्ताह 2025 का हिस्सा था।

संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निरीक्षण कार्यक्रम

यह कार्यक्रम महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, जालना और सारस वन्यजीव एवं संवर्धन संस्था, जिंतूर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार, 5 नवंबर की सुबह दावलवाडी शिवार परिसर के गवताल मालरान क्षेत्र में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिले के अनेक पक्षी प्रेमी, अध्ययनकर्ता और वन्यजीव फोटोग्राफर बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

32 से अधिक पक्षी प्रजातियों का अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कॉर्नेल लैब ऐप के माध्यम से पक्षियों के रिकॉर्ड और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। निरीक्षण में लगभग 32 से अधिक पक्षी प्रजातियों का अवलोकन किया गया, जिनमें ठिपके बगला, भारद्वाज, राखी तितर, शिक्रा, दयाल, शिंपी पक्षी, किंगफिशर, सूर्यपक्षी, लाल बुलबुल, कबूतर आदि शामिल थे।

कार्यक्रम में प्रमुख पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति

इस अवसर पर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के जिला कार्याध्यक्ष एवं पक्षी मित्र ज्ञानेश्वर गिराम, जिला प्रधान सचिव मधुकर गायकवाड, मनोहर सरोदे, जिवनराव पारे विद्यालय के मुख्याध्यापक सुभाष पारे और संतोष भारोटे उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण और नई पीढ़ी की भागीदारी पर जोर

पक्षी सप्ताह के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में पक्षियों और प्राकृतिक जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना तथा नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना था। इस तरह के कार्यक्रमों से नागरिकों में पर्यावरण संतुलन के महत्व की समझ बढ़ती है और प्रकृति के साथ संवेदनशील संबंध मजबूत होते हैं।


रिपोर्ट: NewsNationOnline टीम


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