अमित बघेल के आपत्तिजनक बयान पर देशभर में आक्रोश — एड. महेश एस. धन्नावत ने प्रधानमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग की
जालना: जोहर छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा भगवान झूलेलाल और महाराजा अग्रसेन के संबंध में दिए गए आपत्तिजनक बयान से पूरे देशभर में रोष फैल गया है। सिंधी और अग्रवाल समाज के लोगों ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। अब इस प्रकरण में एड. महेश एस. धन्नावत ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
“धार्मिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाला बयान” — एड. धन्नावत
एड. धन्नावत ने अपने निवेदन में कहा कि “अमित बघेल का यह वक्तव्य न केवल सिंधी और अग्रवाल समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है, बल्कि यह भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सद्भावना के सिद्धांतों का उल्लंघन है। ऐसे बयानों से समाज में विभाजन, वैमनस्य और नफरत फैलाने का खतरा बढ़ जाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि अमित बघेल का यह बयान भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए), 295(ए) और 505(2) के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इन धाराओं के अंतर्गत किसी धर्म, समुदाय या वर्ग की भावनाओं को आहत करने या शत्रुता फैलाने पर सजा का प्रावधान है।
एड. धन्नावत ने कहा कि यह अपराध अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) में भी सम्मिलित है, इसलिए उनके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की मांग
उन्होंने बताया कि इस मामले में उल्हासनगर पुलिस स्टेशन में पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है, लेकिन इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है। धन्नावत ने कहा कि ऐसे बयानों को राजनीतिक भाषण का हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह घटना देश की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक सौहार्द पर सीधा प्रहार है।
प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
एड. धन्नावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा, “भारत जैसे विविधता से भरे देश में इस प्रकार के द्वेष फैलाने वाले वक्तव्य समाज की एकता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर चलते हैं, इसलिए इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए।”
देशभर में विरोध प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि अमित बघेल ने यह विवादास्पद बयान छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित पत्रकार परिषद में दिया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में सिंधी और अग्रवाल समाज के लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया।
महाराष्ट्र के धुले, जलगांव, भुसावल और उल्हासनगर सहित कई शहरों में समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और अमित बघेल के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट: NewsNationOnline टीम

- नमो शेतकरीचे दोन हप्ते रखडले; जालन्यातील शेतकरी ४ हजारांच्या प्रतीक्षेतनमो शेतकरी महासन्मान निधीचे नववा व दहावा हप्ते अद्याप जमा नाहीत; राज्यातील सुमारे ९२ लाख शेतकऱ्यांचे ४,००० रुपये रखडले असून जालन्यातील शेतकरीही प्रतीक्षेत.
- मराठवाड़ा स्नातक चुनाव: 8 जिलों के 842 केंद्रों पर आज मतदानऔरंगाबाद संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक मतदान; 3.26 लाख मतदाता, 41 उम्मीदवार, मतगणना 27 अक्टूबर को।
- 23 अक्टूबर के स्नातक निर्वाचन के लिए अवकाश पर विचार करे सरकार: गणेश महासंघगणेश महासंघ अध्यक्ष श्लोक अग्रवाल, कार्याध्यक्ष एडवोकेट महेश धन्नावत, भूषण यादव और आनंद बंब ने मतदान के लिए अवकाश तथा पंजीकरण प्रक्रिया सरल करने की मांग की।
- पदवीधर मतदारसंघाच्या २३ ऑक्टोबरच्या निवडणुकीसाठी सुटीचा विचार करा; गणेश महासंघाची सरकारकडे मागणीगणेश महासंघाचे अध्यक्ष श्लोक अग्रवाल, कार्याध्यक्ष अॅड. महेश धन्नावत, भूषण यादव, आनंद बंब व सदस्यांनी मतदानासाठी सुटी आणि नोंदणी प्रक्रिया सुलभ करण्याची मागणी केली.
- Ganesh Mahasangh Urges Government to Declare Holiday for Graduate Constituency Election on October 23Ganesh Mahasangh members, including President Shlok Agrawal and Working President Adv. Mahesh Dhannawat, urge the government to facilitate voter participation in the October 23 graduate constituency election.
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


















