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मतदाता पुनरीक्षण अभियान: जालना के वार्ड-4 में अमजद खान ने शुरू किया निःशुल्क नागरिक सहायता केंद्र
जालना के वार्ड-4 स्थित गांधीनगर में सामाजिक कार्यकर्ता अमजद खान अकबर खान ने विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत निःशुल्क नागरिक सहायता केंद्र शुरू किया। यहां मतदाताओं को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया में नि:शुल्क सहायता दी जा रही है।
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जिम्मेदार और नैतिक मतदान से सुरक्षित होगा शहर का भविष्य : शेख मुजीब
Sheikh Mujib of Jamaat-e-Islami Hind urged citizens in Jalna to vote responsibly and ethically in municipal elections, emphasizing voting as a civic duty that shapes the city’s future. He warned against vote-buying and stressed the importance of choosing honest candidates who prioritize community welfare. Unity and respect among differing political views are essential for democracy.
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चरित्रवान नेताओं की उपेक्षा समाज और युवा पीढ़ी के लिए खतरा है। नैतिक मूल्यों को राजनीति में स्थापित करें
जालना के समाजसेवी श्याम सारस्वत ने चारित्र्यवान लोगों की राजनीति में उपेक्षा को समाज और युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरे की घंटी बताया। उनका कहना है कि जब ईमानदार लोग राजनीति से हटते हैं, तो समाज में भ्रष्टाचार और असुरक्षा बढ़ती है, जिससे लोकतंत्र की नींव कमजोर होती है।
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जालना में लोकतंत्र की पाठशाला: कुबेर धन्नावत का मां के नाम पत्र बना मतदान जागरूकता की प्रेरक मिसाल
जालना में बच्चों का मतदान जागरूकता अभियान समाज में लोकतांत्रिक चेतना को बढ़ावा दे रहा है। कुबेर धन्नावत ने अपनी मां को पत्र लिखकर मतदाता बनने की अपील की। वे नागरिकों से जिम्मेदार समर्पित प्रतिनिधियों का चुनाव करने का आग्रह कर रहे हैं। इस पहल से नई पीढ़ी का लोकतंत्र में सक्रियता बढ़ रही है।
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क्या लोकतंत्र का दम घुट रहा है? चुनावों में धन-बाहुबल के बढ़ते वर्चस्व पर श्याम सारस्वत का बयान
चुनावों में धन और बाहुबल का बढ़ता प्रभाव लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। श्याम सारस्वत ने बताया कि आम नागरिक की अनदेखी हो रही है और चुनाव विजेता की क्षमता पर निर्भर हो गए हैं। यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो ईमानदार प्रतिनिधि राजनीति से बाहर हो जाएंगे।
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प्रधानमंत्री को चुनाव प्रचार से दूर रखने का कानून बने — यूसुफ़ रज़ा क़ादरी मदनी की मांग
जामिया हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के सदस्य मुहम्मद यूसुफ़ रज़ा क़ादरी मदनी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को चुनाव प्रचार करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वे पूरे देश के नेता हैं, न कि किसी दल के प्रवक्ता।





