मुंबई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत पर तीखा हमला बोला है. भाजपा महाराष्ट्र मीडिया विभाग की ओर से 3 नवंबर 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार, बन ने आरोप लगाया कि 2019 में कांग्रेस के साथ जाकर राउत ने अपनी पार्टी को कांग्रेस के हवाले कर दिया और उसी समय महाराष्ट्र का स्वाभिमान दिल्ली में दफन हो गया. नवनाथ बन मंगलवार को मुंबई स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार परिषद में बोल रहे थे.

नवनाथ बन का संजय राउत पर आरोप: हिंदुत्व और बालासाहेब के विचार छोड़े
प्रेस नोट के मुताबिक बन ने कहा कि कल संजय राउत बड़े ठाठ से दिल्ली में राहुल गांधी के मोर्चे में शामिल होने गए, लेकिन उन्हें मंच पर बोलने तक नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे लगातार राहुल गांधी की तारीफ करते हैं, लेकिन राहुल गांधी उद्धव ठाकरे का नाम तक नहीं लेते.
बन ने आरोप लगाया कि राउत ने हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे के विचार और हिंदुत्व छोड़कर कांग्रेस के विचार अपना लिए. उन्होंने सवाल किया, “क्या यही आपका स्वाभिमान है?” उनके अनुसार सत्ता और मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए हिंदुत्व छोड़कर कांग्रेस के साथ जाना और अपनी राजनीतिक विरासत छोड़ना “लाचारी” है.
भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि अब राउत के पास न पार्टी बची है, न गुट, सिर्फ एक “बचत गट” (स्वयं सहायता समूह) बचा है, जिसका अध्यक्ष उन्होंने राहुल गांधी को सौंप दिया है. बन ने दावा किया कि आने वाले समय में राउत उद्धव गुट का कांग्रेस में विलय कराएंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे गुट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट की आलोचना नहीं करनी चाहिए.
अमित शाह की चुनौती स्वीकारने की बात
प्रेस नोट के अनुसार बन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चीन के जरिए लोकतंत्र को खत्म करने का काम कर रहे हैं और संजय राउत उनका साथ दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो अमित शाह की ओर से दी गई चुनौती स्वीकार करें. बन के मुताबिक अमित शाह ने कहा है कि जो भी सवाल हों, उन पर संसद में चर्चा करने आएं, हर सवाल का जवाब दिया जाएगा. बन ने कहा कि राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे और संजय राउत चर्चा के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ये नेता बांग्लादेशी घुसपैठियों के भरोसे अपना अस्तित्व बचाना चाहते हैं.
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“संविधान के रास्ते से बदलें सत्ता”
बन ने कहा कि इंदिरा गांधी के लगाए आपातकाल के खिलाफ जनसंघ मैदान में उतरा था और देवेंद्र फडणवीस के पिता भी उस आंदोलन में शामिल थे. उन्होंने कहा कि आज किसी भी राज्य में आपातकाल नहीं है, किसी को जेल में नहीं डाला गया है और लोग सड़कों पर आंदोलन और मोर्चे निकाल सकते हैं.
उन्होंने चुनौती दी कि अगर सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) करना है तो संजय राउत और उद्धव ठाकरे गुट उत्तर प्रदेश के चुनाव में सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारें. बन ने कहा कि संविधान के रास्ते से सत्ता बदलने का सबको अधिकार है, लेकिन सड़कों पर उतरकर बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति बनाकर बदलाव लाना संभव नहीं होगा, क्योंकि महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज का और देश डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का है.
एक नजर में: नवनाथ बन के मुख्य आरोप
- 2019 में कांग्रेस के साथ जाकर बालासाहेब ठाकरे के विचार और हिंदुत्व छोड़ा
- दिल्ली में राहुल गांधी के मोर्चे में राउत को मंच पर बोलने नहीं दिया गया
- उद्धव गुट के कांग्रेस में विलय की तैयारी का दावा
- अमित शाह की संसद में चर्चा की चुनौती स्वीकारने की मांग
ये सभी आरोप भाजपा की ओर से जारी प्रेस नोट पर आधारित हैं. इस खबर में संजय राउत या शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का पक्ष शामिल नहीं है; प्रतिक्रिया मिलने पर उसे जोड़ा जाएगा.
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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