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‘किंग’ में भगवा ड्रेस पर विवाद; शाहरुख सभी धर्मों का सम्मान करें — एड. महेश धन्नावत

Editorial graphic on the King film saffron costume controversy
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

मुंबई/जालना, विशेष संवाददाता: शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की आगामी फिल्म ‘किंग’ के एक गीत में दीपिका की भगवा पोशाक को लेकर विवाद की खबर है। कुछ धार्मिक नेताओं ने इस दृश्य पर आपत्ति जताई है। इस विवाद ने फिल्म ‘पठान’ के ‘बेशरम रंग’ गीत से जुड़े पुराने विवाद की याद दिला दी है।

धार्मिक नेताओं की आपत्ति

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ धार्मिक नेताओं ने भगवा रंग को त्याग, शौर्य और भक्ति का प्रतीक बताते हुए संबंधित दृश्य बदलने की मांग की है। हालांकि कलाकारों के विरुद्ध धमकियां या हिंसा की भाषा किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है।

देश ने दोनों को ऊंचा मुकाम दिया — एड. महेश धन्नावत

“इस देश की जनता ने शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण दोनों को अपार प्यार, सम्मान, प्रसिद्धि और फिल्म जगत में ऊंचा मुकाम दिया है। शाहरुख खान किसी एक धर्म या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे देश के हीरो माने जाते हैं। इसलिए उन्हें भी सभी धर्मों, सभी समुदायों और देश के प्रत्येक नागरिक से समान प्रेम करना चाहिए। जिस जनता ने उन्हें इतनी ऊंचाई तक पहुंचाया, उसकी आस्था और भावनाओं का सम्मान करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है,” एडवोकेट महेश धन्नावत ने कहा।

उन्होंने कहा कि दीपिका पादुकोण को पहले हुए ‘पठान’ विवाद से सीख लेकर पोशाक और दृश्य की प्रस्तुति में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सभी धर्मों के प्रति संवेदनशीलता भी महत्वपूर्ण है।

गौरी खान हस्तक्षेप करें

एड. धन्नावत ने सुझाव दिया कि गौरी खान फिल्म की टीम से चर्चा करके पोशाक का रंग बदलने की संभावना पर विचार करें। आधुनिक डिजिटल कलर करेक्शन और विजुअल इफेक्ट्स से ऐसा बदलाव तकनीकी रूप से संभव हो सकता है, हालांकि यह दृश्य की जटिलता और निर्माताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।

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संविधान और सद्भाव का सम्मान

भारत का संविधान अभिव्यक्ति और धर्म की स्वतंत्रता दोनों की रक्षा करता है। किसी धार्मिक परंपरा से जुड़े रंग का उपयोग अपने आप में गैरकानूनी अपमान नहीं माना जा सकता; दृश्य का संदर्भ महत्वपूर्ण है। एड. धन्नावत ने धार्मिक सद्भाव, परस्पर सम्मान और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता देते हुए धमकियों के बजाय बातचीत से विवाद सुलझाने की अपील की।

संदर्भ: दिव्य मराठी में प्रकाशित विवाद की रिपोर्ट। फिल्म निर्माताओं द्वारा पोशाक का रंग बदलने के किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।


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