जालना: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर कांग्रेस ने 28 सितंबर को जालना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रास्ता रोको आंदोलन किया गया। कांग्रेस के अनुसार, आंदोलन करीब ढाई से तीन घंटे चला।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने 28 सितंबर को राज्य के कई जिलों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए थे। जालना भी इन जिलों में शामिल रहा।
सांसद डॉ. कल्याण काळे के नेतृत्व में रास्ता रोको
दोपहर करीब 3 बजे कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जमा हुए। सांसद डॉ. कल्याण काळे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कल्याण दळे और डॉ. विशाल धानुरे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोको आंदोलन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला जलाकर भी विरोध जताया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की। निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र लोगों को शामिल होने से रोकना है।
एंबुलेंस और मरीजों के लिए रास्ता छोड़ा
प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस और मरीजों को रास्ता उपलब्ध कराया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, रास्ता रोको आंदोलन के बाद पुलिस ने सांसद डॉ. कल्याण काळे, जिलाध्यक्ष कल्याण दळे, डॉ. विशाल धानुरे, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र राख, पूर्व विधायक राजेश राठोड, राजाभाऊ देशमुख और बदर चाऊस समेत कई पदाधिकारियों को हिरासत में लिया।
कांग्रेस के अनुसार, हिरासत में लिए गए नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने के बाद जालना तालुका पुलिस स्टेशन लाया गया और कुछ समय बाद छोड़ दिया गया। इसके बाद उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के माध्यम से सांसद डॉ. कल्याण काळे और कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
SIR की स्वतंत्र जांच की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की। पार्टी ने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित कारण मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। मतदाता सूची में किए गए बदलावों की पारदर्शी तरीके से जांच करने और गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका की जांच कराने की मांग भी रखी। प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनावों की स्वतंत्र जांच तथा बिहार और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दोबारा कराने की मांग भी उठाई गई।
मतदाताओं के लिए आधिकारिक SIR जानकारी
मतदाता SIR-2026 से संबंधित जानकारी, अपना नाम खोजने, मतदाता सूची डाउनलोड करने और संबंधित आवेदन सेवाओं के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक नागरिक सेवा पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। जालना से जुड़ी अन्य खबरों के लिए NewsNationOnline देखें। हमारे पिछले कवरेज में जालना में सूखे को लेकर कांग्रेस के आंदोलन और मांगों की खबर भी पढ़ी जा सकती है।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद
आंदोलन में अंकुशराव राऊत, सुभाष कोळकर, शांतीलाल बनसोडे, अशोक उबाळे, डॉ. सुभाष ढाकणे, सुनील चौधरी, रऊफ परशुवाले, राम कुराडे, लक्ष्मण म्हसलेकर, राहुल देशमुख, अजय बनकर, कृष्णा पडुळ, देवराज डोंगरे, कल्याण तारडे, राजेंद्र गोरे, संजय मुथा, संजय इंगळे, बालासाहेब आकात, जाकीर डावरगावकर, अजित चाऊस, योगेश कदम, प्रमोद आल्लाख, सागर चौधरी, भागवत घाटे, जावेद बेग, नारायण वाडेकर, बाबासाहेब सोनवणे, रघुवीर गुडे, सोपान तिरुके, माऊली इंगोले, करीम बिल्डर, कलीम भाई, नरेंद्र मित्तल, पाबळे, चंद्रकांत रत्नपारखे, जुमान चाऊस, रामकिसन शिंदे, दिनेश सुराणा, अन्वर भाई, मंजू यादव, शकील शेख, राजाभाऊ कुलकर्णी, एडवोकेट राम गव्हाणे, संजय बागल, वसीम शेख और योगिता धांडगे सहित कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।
नोट: इस खबर में कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप और की गई मांगों को उसी रूप में प्रस्तुत किया गया है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक SIR जानकारी को अलग से संदर्भ के तौर पर शामिल किया गया है।




