जिला महिला अस्पताल में स्तनपान पर अभिनव पहल, ‘मां का दूध नवजात के लिए अमृत’: डॉ. सईदा अफरोज
जालना: शहर के गांधीचमन क्षेत्र स्थित जिला महिला अस्पताल में जालना शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के माध्यम से स्तनपान विषय पर एक अभिनव जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की प्रमुख डॉ. वर्षा देशमुख और बंध्याकरण विभाग की प्रमुख डॉ. ज्योति कुलकर्णी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सईदा अफरोज ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सईदा अफरोज ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए अमृत के समान है और जन्म के तुरंत बाद स्तनपान कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, साथ ही उसके शारीरिक और मानसिक विकास को मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में उप-अधिष्ठाता डॉ. गट्टानी, डॉ. कुरील तथा प्रशासनिक अधिकारी अविनाश जाधव उपस्थित रहे। इस अवसर पर नव आरंभ किए गए स्तनपान मार्गदर्शन कक्ष की विस्तृत जानकारी डॉ. वर्षा देशमुख द्वारा दी गई, जिसमें माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक लाभों और सही पद्धति के बारे में मार्गदर्शन किया जाएगा।
बंध्याकरण विभाग की प्रमुख डॉ. ज्योति कुलकर्णी ने शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं जिला महिला अस्पताल की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान अधिष्ठाता डॉ. सईदा अफरोज ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके हाथों स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग तथा बंध्याकरण विभाग प्रमुखों के कार्यालयों का उद्घाटन भी किया गया।
जिला महिला अस्पताल की सेवाओं की विस्तृत जानकारी वर्ग-1 स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्राची तारसेट्टीवार ने दी, जबकि नर्सिंग एवं प्रसूति संबंधी कार्यों की जानकारी प्रभारी मेट्रन विद्या पवार ने साझा की। अस्पताल की सभी विभाग प्रमुख नर्सों ने नव नियुक्त अधिष्ठाता का स्वागत कर विभागीय कार्यों की जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में अस्पताल के सभी वैद्यकीय अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, महिला कर्मचारी, प्रसूता महिलाएं तथा उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने इस स्तनपान जागरूकता पहल की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि जिला महिला अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 600 से 650 प्रसव तथा 100 से 150 सिजेरियन ऑपरेशन किए जाते हैं। साथ ही नवजात शिशुओं का जन्म के तुरंत बाद टीकाकरण भी किया जाता है।
अधीक्षक डॉ. एस. झेड. गवारे के मार्गदर्शन में अस्पताल में अनुशासन, स्वच्छता और सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे आम जनता का भरोसा इस अस्पताल पर और मजबूत हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष राउत, डॉ. पीयूष होलानी और डॉ. राजगिरे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सुरक्षा कर्मी दीपाली और अनिकेत का अधिष्ठाता के हाथों विशेष सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की तैयारियां अधिपरिचारक आशीष भालटतिलक और विवियन ब्रदर ने की, जबकि आभार प्रदर्शन मुख्य औषध निर्माण अधिकारी शाहनवाज अहमद ने किया।

