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जालना में खुले मैनहोल बने जान का खतरा | जनप्रतिनिधि निभाएं जिम्मेदारी

advocate mahesh dhannawat
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खुले मैनहोल बन रहे हैं जान का खतरा, जनप्रतिनिधि निभाएं जिम्मेदारी: अधिवक्ता महेश धन्नावत

जालना: जालना शहर की सड़कों पर खुले पड़े और असमान स्तर पर बने मैनहोल नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। इन मैनहोल्स के कारण शहर में आए दिन छोटे-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल है। महानगरपालिका प्रशासन की इस गंभीर लापरवाही के खिलाफ नोटरी एसोसिएशन के कार्याध्यक्ष अधिवक्ता महेश धन्नावत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जालना खुले मैनहोल सड़क सुरक्षा.

अधिवक्ता धन्नावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुरक्षित सड़कें नागरिकों का मूल अधिकार हैं और सड़क दुर्घटनाओं की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है। उन्होंने शहर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज न करें और तत्काल ठोस कदम उठाएं।

उन्होंने बताया कि जालना शहर के कई प्रमुख मार्गों के साथ-साथ आंतरिक गलियों में भी मैनहोल के ढक्कन टूटे हुए हैं या सड़क की सतह से नीचे अथवा ऊपर बने हुए हैं। इससे दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों को हर समय जोखिम में चलना पड़ता है।

विशेष रूप से रात के समय और बारिश के मौसम में इन मैनहोल्स का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अंधेरे और जलभराव के कारण मैनहोल दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ जाती है। अब तक कई नागरिक इन मैनहोल्स की वजह से गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।

अधिवक्ता धन्नावत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि नागरिकों को सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराना स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जालना खुले मैनहोल सड़क सुरक्षा.

उन्होंने बताया कि सुरक्षित सड़कों का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के मूल अधिकार का अभिन्न हिस्सा है। यदि प्रशासन की लापरवाही के कारण सड़क पर मौजूद मैनहोल या गड्ढों से किसी नागरिक की मृत्यु होती है या वह गंभीर रूप से घायल होता है, तो संबंधित प्राधिकरण को मुआवजा देना होगा।

अधिवक्ता धन्नावत ने कहा कि अब तक नगर पालिका प्रशासन ने इस समस्या को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया है। केवल शिकायतें दर्ज कराने से समाधान संभव नहीं है। आवश्यक है कि नगरसेवक और अन्य जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और अपने-अपने वार्डों में मौजूद खतरनाक मैनहोल्स की पहचान करें।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को पालिका प्रशासन पर दबाव बनाकर मैनहोल्स की तत्काल मरम्मत, ढक्कन लगाने और सड़क स्तर समान करने जैसे कार्य प्राथमिकता से कराना चाहिए। जनता ने विश्वास के साथ उन्हें चुना है, इसलिए नागरिकों की जान की सुरक्षा करना उनकी पहली जिम्मेदारी है।

अधिवक्ता धन्नावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में खुले मैनहोल्स के कारण कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि संबंधित जनप्रतिनिधि भी समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे। जालना खुले मैनहोल सड़क सुरक्षा.

जालना शहर की सड़कों पर खुले मैनहोल नागरिकों के लिए जानलेवा बनते जा रहे हैं। अधिवक्ता महेश धन्नावत ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।.
जालना शहर की सड़कों पर खुले मैनहोल नागरिकों के लिए जानलेवा बनते जा रहे हैं अधिवक्ता महेश धन्नावत ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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