जालना नगर निगम के पहले आयुक्त संतोष खांडेकर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुवार की शाम ₹10 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई आयुक्त के सरकारी निवास पर की गई, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार, एक निर्माण ठेकेदार द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान मंजूर करवाने के लिए आयुक्त ने भारी रकम की मांग की थी। ठेकेदार ने शिकायत एसीबी के छत्रपति संभाजीनगर कार्यालय में दर्ज करवाई। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी टीम ने सुनियोजित जाल बिछाकर आयुक्त खांडेकर को ₹10 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार कर लिया।

एसीबी की अधीक्षक माधुरी केदार कांगणे ने कहा, “मामले की जांच जारी है और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।”

इस कार्रवाई के बाद जालना नगर निगम के प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि शहर के कई सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि लंबे समय से नगर निगम में चल रही ‘टक्केवारी संस्कृति’ के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। हाल ही में साद बिन मुबारक, सुधाकर निकालजे, आम आदमी पार्टी और अजीतदादा कोठारी ने लिखित शिकायतें देकर मनपा में चल रहे गोरखधंधे की जांच की मांग की थी।

सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग

समाजसेवी साद बिन मुबारक ने बताया कि एसीबी की कार्रवाई के दौरान नगर निगम के कुछ कर्मचारी फाइलें लेकर परिसर से भागते हुए देखे गए। उन्होंने मांग की है कि एसीबी टीम परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच करे और भागने वालों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए।

इस गिरफ्तारी के बाद नगर निगम कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद मनपा में चल रहे भ्रष्टाचार और गोरखधंधे की परतें अब खुलने लगी हैं।


सूत्र: स्थानीय पुलिस और एसीबी रिपोर्ट

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