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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत की शान: मुंबई के लोकभवन में स्थापना दिवस समारोह में बोले राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

जम्मू-कश्मीर की बर्फीली पहाड़ियों, झील और शिकारा का प्रतीकात्मक दृश्य
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

मुंबई, 30 अक्टूबर — “जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का हर भारतीय के मन में विशेष स्थान है। यह प्रदेश भारत का मुकुट है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का अर्थ है दिलों, मन और दृष्टि की एकता,” यह बात राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कही। वे केंद्र सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ उपक्रम के तहत मुंबई के लोकभवन में आयोजित जम्मू-कश्मीर लद्दाख स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे।

राज्यपाल ने बताया कि स्थापना दिवस 31 अक्टूबर को है, लेकिन राष्ट्रपति के नाशिक दौरे के कारण यह कार्यक्रम एक दिन पहले आयोजित किया गया। यह जानकारी राज्य सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय (DGIPR) की विज्ञप्ति में दी गई है।

बर्फीले पहाड़ों, झील और शिकारा वाला कश्मीर घाटी का दृश्य, जम्मू-कश्मीर लद्दाख स्थापना दिवस का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र

कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, जीएचआरटी इंटरनेशनल के अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आईआईटी मुंबई के उपनिदेशक प्रो. मिलिंद अत्रे, बृहन्मुंबई महानगरपालिका की शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजश्री शिरवाडकर और पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव सहित गणमान्य उपस्थित थे। महाराष्ट्र दौरे पर आए ‘युवा संगम-7’ के सदस्य, जम्मू-कश्मीर डोगरा समाज और कश्मीरी पंडित एसोसिएशन के सदस्य, सम्मानित अतिथि, कलाकार, विद्यार्थी और मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के आमंत्रित लोग भी मौजूद रहे।

“धरती पर स्वर्ग”

राज्यपाल ने कहा, “जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पहाड़, सुंदर घाटियां, झीलें और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हमारे देश की सुंदरता दिखाते हैं। कहा जाता है कि धरती पर स्वर्ग है तो यहीं है। कश्मीर के लोग स्नेही और आत्मीयता से स्वागत करने वाले हैं। वहां की हस्तकला और कलावस्तुएं दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। लद्दाख जाना कई लोगों का सपना होता है। आज लद्दाख प्रगति के रास्ते पर है।”

“एकरूपता नहीं, एकता”

राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस हर जगह मनाने की संकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी, ताकि हम कहीं भी हों, एक-दूसरे की संस्कृति को जानें। उन्होंने कहा, “एक भारत का अर्थ एकरूपता नहीं है। यह दिलों, मन और देश को आगे ले जाने की दृष्टि की एकता है। एकरूपता प्रकृति में नहीं है। फूल, पेड़, प्राणी अलग-अलग हैं, फिर भी सबमें एक तरह की एकता है। यह एकता भारत की विविध संस्कृतियों में सबसे अच्छी तरह दिखती है।”

पूर्वोत्तर भारत का उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि वहां हर कुछ किलोमीटर पर अलग भाषा और परंपराएं दिखती हैं। “कश्मीर और लद्दाख के नृत्य, भाषा और मूल्य व्यवस्था तथा अन्य राज्यों की संस्कृतियां मिलकर भारत की पहचान बनाती हैं। कोई एक संस्कृति हमारी सभ्यता तय नहीं करती। सभी संस्कृतियां मिलकर भारतीय सभ्यता बनाती हैं। सभी संस्कृतियों और भाषाओं का यह संगम ही ‘भारतीयता’ है। यह भावना देशभर के सभी लोकभवनों में मनाई जाती है।”

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“जड़ें जितनी गहरी, वृक्ष उतना ऊंचा”

राज्यपाल ने कहा, “हम कहीं भी रहें, अपने मूल राज्य को नहीं भूलते। हमारा बचपन वहां बीता होता है और हमारी जड़ें वहां गहरी होती हैं। वृक्ष कितना भी बड़ा हो जाए, उसका पोषण जड़ें ही करती हैं। समाज भी प्रकृति का ही प्रतिबिंब है। जब हम अपनी जड़ों का पोषण करते हैं, तब हमारा ही पोषण होता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से कश्मीर, जम्मू और लद्दाख की संस्कृति जानने और विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों से अपने मूल राज्य का स्थापना दिवस उत्साह से मनाने की अपेक्षा जताई। “जहां दिल, वहीं घर,” उन्होंने कहा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कलाकारों तथा बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अभ्युदय नगर, काळाचौकी स्थित स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। राज्यपाल ने सुंदर वेशभूषा, सटीक तालमेल और उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए कलाकारों की सराहना की। कलाकारों को महाराष्ट्र लाने के लिए उन्होंने जीएचआरटी इंटरनेशनल को और कार्यक्रम के लिए महानगरपालिका स्कूल व प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने ‘युवा संगम-7’ के युवाओं और उनके मेजबान आईआईटी मुंबई का स्वागत किया।

इस अवसर पर राज्यपाल के हाथों जम्मू-कश्मीर से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्यों को स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया गया। इनमें फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. एजाज अशाई, एफआईसीसीआई एफएलओ की वरुणा आनंद, जीएचआरटी इंटरनेशनल के अध्यक्ष डॉ. एच. आर. रहमान, वैज्ञानिक प्रो. डॉ. मामिदाना श्रीधर, कृपानिधि बिस्वाल, अभिनेत्री व लेखिका लेस्ली त्रिपाठी, अर्थविश्लेषक डॉ. दत्तात्रय श्रीपति काटे, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. नीरज जसवंत शाह, प्रधानाध्यापिका संगीता ठाकुर, अभिनेता तेज सप्रू, अभिनेत्री-निर्देशिका प्रीति सप्रू, अभिनेता मुकेश ऋषि, राहुल भट, अश्वथ भट और रंगमंच निर्देशिका मुस्कान गोस्वामी शामिल थे।

इसके अलावा शिक्षा समिति अध्यक्ष राजश्री शिरवाडकर, पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव, बीएमसी स्कूल के शिक्षक व विद्यार्थी, डोगरा समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्ण पंडित व सलाहकार निधि डोगरा, कश्मीरी पंडित एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विनी भट, विश्वस्त राजेश शाह व सचिव अजय धर तथा आईआईटी मुंबई के उपनिदेशक प्रो. मिलिंद अत्रे सहित युवा संगम के प्रतिनिधियों का भी सत्कार हुआ। युवा संगम की मेजबान संस्था एनआईटी श्रीनगर की टीम, जिसमें मुख्य नोडल अधिकारी प्रो. डॉ. अशोक कुमार, प्रो. डॉ. मोहम्मद रफीक तेली, नोडल अधिकारी प्रो. लेफ्टिनेंट डॉ. नितिका कुंदन और प्रो. डॉ. जननी एल. शामिल थे, को भी सम्मानित किया गया। इस टीम ने कश्मीर की कला दर्शाने वाले स्मृतिचिह्न भेंट किए।

पृष्ठभूमि

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ केंद्र सरकार का उपक्रम है, जिसका उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाना है। इसकी जानकारी ekbharat.gov.in पर उपलब्ध है।

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स्रोत: महाराष्ट्र शासन, सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय (DGIPR) की विज्ञप्ति | प्रस्तुति: इमरान सिद्दीकी, जालना


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a senior journalist and editor of NewsNationOnline, with over 17 years of experience covering news, politics, education and social issues in Maharashtra.

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