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मराठवाड़ा में 3.16 लाख से ज्यादा कुणबी प्रमाणपत्र बांटे, 16 हजार से अधिक जाति जांच मामले निपटे

Two men sit at a press conference table with many microphones in front; one in a white shirt and black vest holds glasses, the other in a pink shirt listens seriously.

छत्रपति संभाजीनगर, 9 सितंबर: मराठवाड़ा में कुणबी, मराठा-कुणबी और कुणबी-मराठा प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक अब तक मिले 3 लाख 17 हजार 569 आवेदनों में से 3 लाख 16 हजार 977 नागरिकों को कुणबी प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं। वहीं जाति जांच के लिए मिले 21 हजार 51 आवेदनों में से 16 हजार 110 मामलों का निपटारा कर प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।

मराठी भाषा और उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने छत्रपति संभाजीनगर के स्मार्ट सिटी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। इस मौके पर विधायक प्रसाद लाड भी मौजूद थे। सामंत ने कहा कि सरकार की प्रक्रिया पारदर्शी है और मराठा समाज को कानूनी और लंबे समय तक टिकने वाला आरक्षण देने के लिए सरकार सकारात्मक तरीके से काम कर रही है।

मराठवाड़ा के आठ जिलों में प्रमाणपत्र प्रक्रिया तेज

मंत्री उदय सामंत ने बताया कि शिंदे समिति के गठन के बाद मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, हिंगोली, नांदेड, बीड, लातूर और धाराशिव इन आठ जिलों में कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया को गति दी गई है। कुल 3,17,569 आवेदन मिले थे, जिनमें से 3,16,977 प्रमाणपत्र बांटे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 10 प्रतिशत आरक्षण के संबंध में 2,95,305 प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।

जाति जांच के 16,110 मामले निपटे

जाति जांच प्रक्रिया की जानकारी देते हुए डॉ. उदय सामंत ने कहा कि मराठवाड़ा में 21,051 आवेदन मिले थे। इनमें से 16,110 मामलों में जांच पूरी कर प्रमाणपत्र दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ 64 मामले खारिज हुए हैं, जो कुल आवेदनों का करीब 0.3 प्रतिशत है। बाकी मामलों पर भी नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी है। प्रशासन को नागरिकों से जरूरी दस्तावेज लेकर लंबित प्रमाणपत्र प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

57 लाख पुराने रिकॉर्ड जनता के लिए उपलब्ध

सरकार ने पुराने रिकॉर्ड के जरिए भी नागरिकों के लिए सुविधा बढ़ाई है। अब तक खोजे गए करीब 57 लाख रिकॉर्ड जनता के लिए उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि लोग अपनी जरूरत के रिकॉर्ड देख सकें। यह जानकारी ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने और नागरिकों को आसानी से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 10 से 17 सितंबर के बीच विशेष शिविर लगाए जाएंगे।

शिंदे समिति का मराठवाड़ा दौरा जारी

न्यायमूर्ति शिंदे समिति का मराठवाड़ा दौरा 7 सितंबर से शुरू हुआ है। इसके तहत विभागीय प्रशासन के साथ समन्वय कर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की जा रही है। बैठक में उपविभागीय अधिकारी, जिलाधिकारी और जाति जांच समिति के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। स्थानीय स्तर पर प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय भी किया गया।

हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया

मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बताया कि हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे जुड़े आवेदनों को लेकर महाधिवक्ता से कानूनी राय ली जाएगी। साथ ही सातारा और कोल्हापुर गजट लागू करने को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है।

मराठा आरक्षण पर सरकार ने क्या कहा?

डॉ. सामंत ने कहा कि मराठा समाज को न्याय देने के लिए संविधान और न्यायिक व्यवस्था के दायरे में रहकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली सरकार मराठा समाज को कानूनी और टिकाऊ आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने साथ ही कहा कि इस प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण और उनके अधिकारों पर कोई असर न पड़े, इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

सरकार के अनुसार प्रमाणपत्र वितरण, जाति जांच और पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से जुड़ी जानकारी संबंधित लोगों तक पहुंचाई जा रही है। प्रक्रिया को और तेज, पारदर्शी और लोगों के लिए आसान बनाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

Two men sit at a press conference table with many microphones in front; one in a white shirt and black vest holds glasses, the other in a pink shirt listens seriously.

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Imran Siddiqui

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