जालना, 5 नवंबर 2026 — जालना जिले के हजारों गरीब परिवारों की दिवाली इस बार भी बिना सस्ती शक्कर के मन सकती है। अंत्योदय राशन शक्कर अक्टूबर और नवंबर दोनों महीनों की सरकारी सस्ते अनाज की दुकानों तक पहुंच चुकी है, लेकिन दुकानदारों की POS मशीनों में इसके बंटवारे का डेटा अब तक अपलोड नहीं हुआ है। नतीजा यह कि शक्कर गोदाम में पड़ी है और लाभार्थी इंतजार कर रहे हैं।

दशहरे के बाद दिवाली पर भी अंत्योदय राशन शक्कर का इंतजार
अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारकों को हर महीने सरकार की ओर से एक किलो शक्कर रियायती दर पर दी जाती है। दशहरा बिना शक्कर के बीत गया और अब ठीक त्योहार के समय बंटवारा अटकने से गरीब परिवारों को बाजार से महंगी शक्कर खरीदनी पड़ सकती है।
सरकारी नियमों के अनुसार राशन दुकानों से शक्कर अब केवल अंत्योदय योजना के पीले कार्डधारकों को ही मिलती है; बाकी कार्डधारकों का शक्कर वितरण पहले ही बंद हो चुका है। ऐसे में इस बार सबसे जरूरतमंद परिवार भी इस राहत से वंचित होते दिख रहे हैं।
‘आनंदाचा शिधा’ किट भी नहीं
पिछले वर्षों में दिवाली पर राशन दुकानों से ‘आनंदाचा शिधा’ (खुशियों का राशन) किट मिलती थी, जिसमें 5-6 जरूरी चीजें बहुत कम दाम पर दी जाती थीं। इस साल यह किट पूरी तरह गायब है। जिले में सूखे के हालात को देखते हुए उम्मीद थी कि सरकार इसकी घोषणा करेगी, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ।
जिले में 42 हजार से ज्यादा लाभार्थी
जालना जिले में अंत्योदय योजना के 42 हजार 22 लाभार्थियों को सरकारी अनाज मिलता है। सबसे ज्यादा लाभार्थी इन तालुकों में हैं:
- जालना — 9,289
- भोकरदन — 6,725
- अंबड — 5,691
- घनसावंगी — 4,976
- मंठा — 4,043
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न्यूज़ नेशन ऑनलाइन डेस्क
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