जालना. पैर में फ्रैक्चर के कारण इलाज करा रहे जालना के विधायक अर्जुनराव खोतकर मंगलवार, 3 नवंबर को जिला स्तरीय पानी की किल्लत समीक्षा बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (झूम) के जरिए शामिल हुए। जारी प्रेस नोट के अनुसार, उन्होंने बैठक में जालना विधानसभा क्षेत्र के सूखा प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों, आम नागरिकों और पशुधन के सवाल उठाए।

यह बैठक राज्य की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री और जालना जिले की पालकमंत्री पंकजा मुंडे की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में हुई। इसमें खोतकर ने अपने क्षेत्र में पानी की किल्लत, पशुओं के लिए चारा-पानी, रोजगार, प्रभावित किसानों को सरकारी मदद और सूखा राहत रियायतों पर अमल की विस्तार से समीक्षा की।
“मदद आखिरी जरूरतमंद किसान तक पहुंचे”
प्रेस नोट के मुताबिक, खोतकर का कहना था कि सूखा सिर्फ कागजी उपायों से कम नहीं होगा, सरकारी मदद का असली फायदा आखिरी जरूरतमंद किसान तक पहुंचना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने इन मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान खींचा:
- गांव-वार पीने के पानी की योजना
- जरूरत के हिसाब से टैंकर से पानी की सप्लाई
- कुओं और जलस्रोतों का अधिग्रहण
- पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था और चारा शिविरों की पहले से तैयारी
- पशुओं की संख्या के हिसाब से चारा खरीदने के लिए आर्थिक मदद
- रोजगार गारंटी के कामों में तेजी
उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों को सरकार की लागू रियायतों, अनुदान और मदद योजनाओं का फायदा बिना देरी मिले, कोई पात्र लाभार्थी मदद से वंचित न रहे और पानी की किल्लत दूर करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें। इसके लिए प्रशासन को खास सावधानी बरतनी होगी।
यह भी पढ़ें:
- फ्रैक्चर के बाद अर्जुन खोतकर का हालचाल जानने पहुंचीं पंकजा मुंडे, जालना के सूखे पर भी चर्चा
- सूखा पीड़ित किसानों को हेक्टेयर पर दोगुनी मदद और 3 हेक्टेयर तक सीमा की मांग
पशुधन और रोजगार पर खास जोर
खोतकर ने कहा कि इंसानों के साथ बेजुबान पशुओं की देखभाल भी प्रशासन की अहम जिम्मेदारी है। चारे और पानी की कमी के कारण किसानों को अपने पशु बेचने की नौबत न आए, इसके लिए समय रहते कदम उठाने होंगे।
सूखे के हालात में किसानों और खेतिहर मजदूरों को काम मिलना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए उन्होंने जल संरक्षण, नालों को गहरा करने, गाद निकालने और ऐसे दूसरे रोजगार देने वाले कामों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।

अर्जुन खोतकर सूखा बैठक: एक नजर में
- बैठक: जिला स्तरीय पानी की किल्लत समीक्षा बैठक, कलेक्टर कार्यालय, जालना
- अध्यक्षता: पालकमंत्री पंकजा मुंडे
- खोतकर की भागीदारी: पैर में फ्रैक्चर के कारण झूम के जरिए
- चार मुख्य मुद्दे: सूखा प्रभावित किसानों को मदद, पशुओं को चारा-पानी, गांवों को पीने का पानी और हाथों को रोजगार
प्रेस नोट के अनुसार, खोतकर ने बैठक में कहा कि सूखे के संकट में किसानों को राहत, पशुओं को चारा-पानी और जरूरतमंदों को काम मिले, इसके लिए सरकार और प्रशासन संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई करें। सूखा राहत से जुड़ी सरकारी जानकारी जालना जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
और खबरें पढ़ें: जालना सूखा से जुड़ी सभी खबरें
रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

















Leave a Reply