शालार्थ आईडी मंजूरी के लिए ₹1 लाख की रिश्वत लेते उपनिरीक्षक रंगेहाथ गिरफ्तार — एसीबी पुणे की बड़ी कार्रवाई
पुणे, 25 नवंबर 2025: शालार्थ आईडी मंजूर कर शिक्षिका का वेतन शुरू कराने के नाम पर ₹1,00,000 की रिश्वत लेते हुए विभागीय शिक्षण उपसंचालक कार्यालय, पुणे के शिक्षण उपनिरीक्षक रावसाहेब मिरगणे को आज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) पुणे की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ता की पत्नी सोलापुर जिले के एक माध्यमिक विद्यालय में सहशिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। शालार्थ आईडी उपलब्ध न होने के कारण वे 2016 से बिना वेतन कार्यरत थीं। 16 जून 2025 को उनकी शालarth आईडी मंजूरी हेतु प्रस्ताव विभागीय शिक्षण उपसंचालक कार्यालय, पुणे में ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था।
रिश्वत की मांग और शिकायत
आरोप है कि उपनिरीक्षक रावसाहेब मिरगणे ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाकर शालार्थ आईडी मंजूर कराने के बदले शिकायतकर्ता से ₹1,00,000 की अवैध राशि मांगी। शिकायतकर्ता ने 17 नवंबर 2025 को यह मामला ACB पुणे में दर्ज कराया।
जांच और पुख्ता सबूत
ACB ने 17 और 21 नवंबर 2025 को शिकायत की सत्यता के लिए जांच तथा सत्यापन किया। 21 नवंबर को हुई जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने शालार्थ आईडी मंजूर कराने के लिए रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार करने की तैयारी भी दिखाई।
रंगेहाथ गिरफ्तारी
आज 25 नवंबर 2025, शाम 6:21 बजे, आरोपी उपनिरीक्षक को उनके कार्यालय में स्थित केबिन में पंचों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से ₹1,00,000 लेते हुए पकड़ लिया गया। ACB की टीम ने मौके पर छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया।
कानूनी कार्यवाही
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत बंडगार्डन पुलिस स्टेशन, पुणे में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही मामले की आगे की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
यह घटना शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ी संवेदनशीलता को रेखांकित करती है। संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी विस्तृत जांच में सहयोग कर रहे हैं।

अधिकारियों के बयान और मामले की आगे की जानकारी उपलब्ध होते ही अपडेट दिया जाएगा।
