जालना में महिला पुलिस कांस्टेबल 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार — एसीबी का ट्रैप ऑपरेशन सफल
जालना: महाराष्ट्र के जालना जिले में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (Anti-Corruption Bureau – ACB) ने सोमवार को एक योजनाबद्ध ट्रैप ऑपरेशन के तहत महिला पुलिस कांस्टेबल सिंधु नानासाहेब खरजुले (आयु 40 वर्ष) को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई चंदनझिरा पुलिस स्टेशन, जालना में की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के दामाद और भतीजे की सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के बाद वे शिकायत दर्ज कराने के लिए चंदनझिरा पुलिस थाने पहुंचे थे। इस दौरान कांस्टेबल सिंधु खरजुले (बकल नंबर 1125) ने उनसे दुर्घटना का मामला दर्ज करने और पंचनामा तैयार करने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए 5 अक्टूबर 2025 को एसीबी जालना कार्यालय में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की प्रारंभिक जांच के दौरान एसीबी अधिकारियों ने सरकारी पंचों की उपस्थिति में सत्यापन किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी कांस्टेबल ने रिश्वत की राशि घटाकर 8,000 रुपये करने की बात कही और बताया कि 5,000 रुपये आज तथा 3,000 रुपये कल लेगी।
इसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने चंदनझिरा पुलिस स्टेशन में ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जहां आरोपी ने शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते ही उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से Vivo V13 मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसे जांच के लिए जब्त किया गया है। साथ ही, आरोपी के घर की तलाशी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उप-अधीक्षक बालू संपती जाधवर (एसीबी जालना) ने किया, जबकि जांच की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक शरदचंद्र रोडगे को सौंपी गई है।
एसीबी की इस सफल कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट संदेश गया है कि विभाग भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य कर रहा है और रिश्वतखोरी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

