जालना, 3 नवंबर 2026 — सूखे की मार झेल रहे जालना जिले के किसानों के लिए दिवाली के मौसम में राहत की खबर है। जिले के 6,84,717 पात्र किसानों के बैंक खातों में राज्य सरकार की ₹5,000 की जालना सूखा अग्रिम राहत 2 नवंबर से जमा होनी शुरू हो गई है। लाभार्थियों की जांच का काम पूरा होने के बाद यह रकम सीधे खातों में भेजी जा रही है।
यह रकम पूरा मुआवजा नहीं, बल्कि अग्रिम (एडवांस) है। फसल नुकसान का बाकी मुआवजा बाद में दिया जाएगा, ऐसा राज्य सरकार पहले ही साफ कर चुकी है।
मुख्य बातें
- जालना जिले में 6,84,717 किसान ₹5,000 अग्रिम राहत के पात्र।
- रकम 2 नवंबर 2026 से सीधे बैंक खातों में जमा होनी शुरू।
- मंठा तहसील के 111 गांवों के करीब 58 हजार किसानों की सूची कलेक्टर को भेजी गई थी।
- पूरे महाराष्ट्र में करीब 1.5 करोड़ किसानों के लिए ₹7,500 करोड़ की अग्रिम राहत मंजूर।
- मुख्यमंत्री ने बैंकों को इस रकम में से कोई कटौती न करने के निर्देश दिए हैं।
जालना सूखा अग्रिम राहत: जिले में कितने किसानों को फायदा
मराठी दैनिक सकाळ की 2 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार जालना जिले में कुल 6 लाख 84 हजार 717 किसान इस अग्रिम मदद के पात्र पाए गए हैं। हर किसान को ₹5,000 मिलने के हिसाब से जिले में कुल रकम करीब ₹342 करोड़ बैठती है (यह न्यूज़नेशन का अपना हिसाब है, सरकारी आंकड़ा नहीं)।
मंठा तहसील की तस्वीर इससे पहले सामने आई थी। दैनिक पुढारी की 1 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक मंठा तहसील के 111 गांवों के लगभग 58 हजार पात्र किसानों की सूची मंजूरी के लिए जिलाधिकारी कार्यालय भेजी गई थी। मंठा की तहसीलदार सुमन मोरे ने कहा था कि मंजूरी मिलते ही रकम सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
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राज्य सरकार का फैसला क्या है
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में सूखा प्रभावित किसानों को ₹5,000 प्रति किसान अग्रिम राहत देने का फैसला किया था। राज्य में इससे करीब 1.5 करोड़ किसानों को फायदा होगा और इस पर लगभग ₹7,500 करोड़ खर्च होंगे। राज्य सरकार 300 से ज्यादा तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित कर चुकी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों से कहा है कि बैंक इस राहत रकम में से कर्ज की किस्त या कोई दूसरी कटौती न करें। फडणवीस ने यह भी माना था कि ₹5,000 से किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं होती, लेकिन इससे फौरी राहत मिलेगी।
जालना के किसानों के लिए इसका क्या मतलब
इस साल जालना जिले में कम बारिश से कपास, सोयाबीन और मोसंबी जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई गांवों में पीने के पानी और चारे की किल्लत भी बढ़ रही है। ऐसे में दिवाली के आसपास खाते में आई यह रकम घर खर्च, बीज या पशुओं के चारे के लिए कुछ सहारा देगी।
हालांकि किसान संगठनों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि नुकसान के मुकाबले यह मदद कम है। पुढारी की रिपोर्ट में मंठा के तलणी गांव के किसानों ने चारे और पीने के पानी के इंतजाम में भी देरी न करने की मांग की है। अब किसानों की नजर बाकी मुआवजे की तारीख पर है।
किसान क्या करें
- बैंक खाते का SMS या पासबुक एंट्री देखें।
- रकम न आई हो तो अपने गांव के तलाठी या तहसील कार्यालय में पात्र सूची में नाम जांचें।
- आधार और बैंक खाता लिंक है या नहीं, यह बैंक शाखा में पक्का करें।
- अगर बैंक कटौती करे तो तहसीलदार या जिला प्रशासन से शिकायत करें, क्योंकि सरकार ने कटौती न करने के निर्देश दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: क्या ₹5,000 ही पूरा मुआवजा है?
जवाब: नहीं। यह अग्रिम रकम है। सरकार के मुताबिक बाकी मुआवजा बाद में दिया जाएगा।
सवाल: जालना में कितने किसानों को यह रकम मिलेगी?
जवाब: जिले में 6,84,717 किसान पात्र पाए गए हैं।
सवाल: क्या बैंक इस रकम से कर्ज की किस्त काट सकता है?
जवाब: मुख्यमंत्री ने बैंकों को इस राहत रकम में कोई कटौती न करने के निर्देश देने को कहा है।
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स्रोत / Source: सकाळ — esakal.com; पुढारी — pudhari.news
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