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Jalna सिडको घोटाला: 900 करोड़ की ठगी की जांच के आदेश

Jalna CIDCO scam: Investigation ordered into Rs 900 crore fraud

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भूमाफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार को बड़ा नुकसान – मुख्यमंत्री सचिवालय ने दिए जांच के आदेश

जालना/प्रतिनिधि: महाराष्ट्र के जालना जिले में सिडको (CIDCO) द्वारा विकसित किए जाने वाले खरपुडी प्रोजेक्ट को लेकर 900 करोड़ रुपये की सरकारी ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमाफिया, सरकारी अधिकारी और एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की मिलीभगत से यह घोटाला किया गया। पूर्व विधायक संतोष सांबरे की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने सिडको के प्रबंध निदेशक को गहन जांच के आदेश दिए हैं।

सिडको घोटाला: अव्यवहारिक प्रोजेक्ट को दोबारा क्यों लाया गया?

2019 में जालना जिले के खरपुडी क्षेत्र में सिडको (CIDCO) द्वारा एक नया शहर बसाने की योजना बनाई गई थी। इस प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता को लेकर अर्नेस्ट एंड यंग और सिडको के आंतरिक सर्वेक्षण में यह साफ कहा गया था कि यह प्रोजेक्ट आर्थिक और व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 31 जुलाई 2019 को इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था।

लेकिन, केपीएमजी (KPMG) और कुछ अधिकारियों ने फर्जी रिपोर्ट तैयार कर इसे फिर से व्यवहार्य बताया। इसके आधार पर 900 करोड़ रुपये की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया चलाई गई, जिसमें भूमाफियाओं और बड़े उद्योपतियों को फायदा पहुंचाया गया।

Jalna CIDCO scam: Investigation ordered into Rs 900 crore fraud

SIT जांच की मांग, भूमाफियाओं को मिला फायदा!

पूर्व विधायक संतोष सांबरे ने मुख्यमंत्री से SIT (विशेष जांच दल) से जांच करवाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि –
✅ भूमाफियाओं द्वारा खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री रद्द की जाए
✅ सरकार द्वारा दिया गया मुआवजा सरकारी खजाने में वापस जमा किया जाए
✅ भ्रष्ट अधिकारियों और भूमाफियाओं पर फौजदारी मामला दर्ज किया जाए

सातबारा (भूमि रिकॉर्ड) से यह खुलासा हुआ है कि 90% जमीन भूमाफिया, दलालों और बड़े उद्योगपतियों के नाम पर है। भूमाफियाओं ने यह जमीन किसानों से कौड़ियों के दाम पर खरीदी और बाद में इसे महंगे दामों पर सरकार को बेचकर करोड़ों का मुनाफा कमाया। किसानों को जबरदस्ती ग्रीन ज़ोन के नाम पर कम मुआवजा दिया गया, जबकि उद्योगपतियों को ऊंचा मुआवजा मिला।

खरपुडी सिडको प्रोजेक्ट: घोटाले की टाइमलाइन

  • 📌 जुलाई 2019 – प्रोजेक्ट को अव्यवहारिक बताकर रद्द किया गया।
  • 📌 जनवरी 2020 – सिडको निदेशक मंडल ने प्रोजेक्ट को रद्द करने का प्रस्ताव पास किया।
  • 📌 जुलाई 2020 – खरपुडी प्रोजेक्ट का डी-नोटिफिकेशन कर उसे आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया।
  • 📌 फरवरी 2023 – प्रोजेक्ट की नई अधिसूचना जारी, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हुई।

क्या सिडको घोटाले में दोषियों पर होगी कार्रवाई?

मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा दी गई जांच के बाद अब यह देखना होगा कि –

  • ➡️ क्या SIT जांच में दोषियों का पर्दाफाश होगा?
  • ➡️ 900 करोड़ की सरकारी फंडिंग का सही हिसाब मिलेगा?
  • ➡️ भूमाफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई होगी?

इस घोटाले को लेकर सिडको, भूमाफिया, सरकारी अधिकारी और निजी कंपनियों की साठगांठ का पर्दाफाश हो सकता है। अब सबकी नजरें SIT जांच और सरकारी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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Imran Siddiqui

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