जालना बंद के दौरान हुए हंगामे पर मामला दर्ज

जालना बंद के दौरान हुए हंगामे पर मामला दर्ज

परभणी में संविधान की प्रतिकृति के अपमान के विरोध में आंबेडकरी आंदोलन की ओर से जालना बंद का आह्वान किया गया था। इसी संदर्भ में 21 दिसंबर को जालना शहर में आंदोलन हुआ, जिसके दौरान फूल बाजार और सर्राफा बाजार में हंगामे की घटनाएं हुईं।

विरोध रैली के दौरान तनाव:

शनिवार सुबह 11 बजे मामा चौक से आंबेडकरी समाज की ओर से एक विरोध रैली निकाली गई। रैली सिंधी बाजार, फूल बाजार और सर्राफा बाजार से गुजरते हुए आगे बढ़ी। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने देखा कि कुछ दुकानें खुली हुई थीं। इसी बात को लेकर व्यापारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस हो गई, जो बाद में हंगामे में बदल गई।

हंगामे की घटना:

फूल बाजार में स्थित दुकान में कुछ अज्ञात युवकों ने जबरदस्ती दुकान बंद करने की मांग की। उन्होंने दुकान में पूजा सामग्री और नारियल सड़क पर फेंक दिए, दुकान के शटर पर लात मारी और फूल विक्रेताओं और फल विक्रेताओं की ठेलों को नुकसान पहुंचाया। इस घटना से बाजार में अफरातफरी मच गई और संपत्ति का नुकसान हुआ।

मामला दर्ज:

फरियादी सोमनाथ तुकाराम उबाले की शिकायत पर सदर बाजार पुलिस स्टेशन में पांच से छह अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 223 और 324 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की आगे जांच पुलिस अधिकारी गायकवाड़ कर रहे हैं।

पुलिस का हस्तक्षेप:

आंदोलन के दौरान पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति को पुलिस ने तुरंत नियंत्रण में लिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा दुकानों का सामान फेंककर नुकसान पहुंचाने से व्यापारियों में असंतोष था। हालांकि, पुलिस ने सतर्कता से स्थिति को संभाल लिया और बड़ी क्षति होने से बचा लिया।

जालना बंद के दौरान हुई इस घटना से शहर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बाद स्थिति नियंत्रण में है।

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Imran Siddiqui

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