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दारुल उलूम गुलशन-ए-क़ादरी में तकमील-ए-हिफ़्ज़ कुरआन की रूहानी महफ़िल | जालना

दारुल उलूम गुलशन-ए-क़ादरी अनवार-ए-रज़ा में तकमील-ए-हिफ़्ज़ कुरआन की रूहानी महफ़िल, हाफ़िज़ मोहम्मद अफ़रोज़ ख़ान का हुआ सम्मान

जालना:
दरगाह हज़रत सैय्यद अहमद शेर सवार (अलैहिर्रहमा) परिसर में स्थित दारुल उलूम गुलशन-ए-क़ादरी अनवार-ए-रज़ा में कुरआन करीम की तकमील-ए-हिफ़्ज़ के मुबारक अवसर पर एक अत्यंत रूहानियत से परिपूर्ण महफ़िल का आयोजन किया गया। यह गरिमामय कार्यक्रम बुधवार, 24 दिसंबर को मदरसे के छात्र हाफ़िज़ मोहम्मद अफ़रोज़ ख़ान द्वारा हिफ़्ज़-ए-कुरआन मुकम्मल करने की खुशी में उनके सम्मान हेतु संपन्न हुआ।

महफ़िल की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जिसने पूरे माहौल को ईमान और सुकून से भर दिया। कार्यक्रम की नज़ामत मौलाना नौशाद रज़ा क़ादरी ने बख़ूबी निभाई। इसके पश्चात मदरसे के उस्ताद हाफ़िज़ व क़ारी अमजद रज़वी ने दुआ-ए-ख़त्म-ए-कुरआन पढ़ी, जिसमें इल्म, अमन और समाज की भलाई के लिए विशेष दुआएँ की गईं।

दर्शन के समय सजावट के साथ एक धार्मिक स्थल का दृश्य, जिसमें रंग-बिरती रोशनियाँ चमक रही हैं।

इस अवसर पर इदारे के सरपरस्त मौलाना सैयद जमील अहमद रज़वी ने अपने रूहानी संबोधन में कहा कि कुरआन का हिफ़्ज़ करना न केवल एक महान उपलब्धि है, बल्कि यह उम्मत के लिए अमानत भी है। उन्होंने हाफ़िज़ मोहम्मद अफ़रोज़ ख़ान को मुबारकबाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की। सरपरस्त की दुआ के साथ ही महफ़िल का समापन हुआ।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित उलमा-ए-किराम और गणमान्य अतिथियों की गुलपोशी कर सम्मान किया गया। वहीं, हाफ़िज़ मोहम्मद अफ़रोज़ ख़ान को विशेष रूप से शॉल और प्रशस्ति के माध्यम से सम्मानित किया गया, जिससे उपस्थित लोगों में हर्ष और गर्व का भाव देखने को मिला।

महफ़िल में हाफ़िज़ क़ाज़ी सैयद उमर रज़वी, मौलाना अरमान अलीमी, मौलाना तौफ़ीक़ मिस्बाही, मौलाना फ़ैज़-उर-रज़ा मिस्बाही, मौलाना मसीहुद्दीन अलीमी, हाफ़िज़ सरताज रज़वी, क़ारी अब्दुर्रऊफ़, हाफ़िज़ सैयद अबरार, हाफ़िज़ मुनव्वर, हाजी अब्दुल अज़ीज़ ममदानी, हाजी शमीम मेमन, ग़ुलाम महबूब, सैयद मोहसिन चिश्ती, सैयद अख़्तर तथा मोहम्मद मुदस्सिर सिद्दीक़ी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

कुल मिलाकर यह रूहानी महफ़िल इल्म-ए-कुरआन की अज़मत, दीन की ख़िदमत और नई नस्ल को दीनी तालीम से जोड़ने के जज़्बे को उजागर करने वाली एक यादगार और प्रेरणादायक तक़रीब साबित हुई।

एक समारोह में हाफ़िज़ मोहम्मद अफ़रोज़ ख़ान को फूलों की माला पहनाते हुए और अन्य मौलवी समुदाय के सदस्यों के साथ खड़े हुए लोग।

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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