रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर यूक्रेन ने भारत की एडवाइजरी पर सवाल उठाए हैं। यूक्रेनी दूतावास ने दावा किया कि उसने विदेश मंत्री स्तर पर बातचीत का अनुरोध किया था, जबकि भारत की ओर से इस पर तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा मामला?
यूक्रेन ने ब्लैक सी में फंसे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत द्वारा जारी एडवाइजरी पर सवाल उठाए हैं।
यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि उसने इस विषय पर अपने विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच बातचीत का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इस दावे पर भारत की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
ब्लैक सी एडवाइजरी पर क्यों उठा विवाद?
यूक्रेनी दूतावास ने भारत के जहाजरानी महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) द्वारा जारी दो अलग-अलग एडवाइजरी का उल्लेख किया।
- 15 जुलाई की एडवाइजरी में शिपिंग कंपनियों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने की सलाह दी गई थी।
- 23 जुलाई को ब्लैक सी के लिए जारी एडवाइजरी में ऐसी सख्त रोक शामिल नहीं थी।
यूक्रेन का कहना है कि ब्लैक सी में लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के मद्देनज़र अधिक कड़े सुरक्षा उपाय होने चाहिए थे। यह यूक्रेनी दूतावास का पक्ष है।
यूक्रेन ने क्या कहा?
यूक्रेनी दूतावास ने बयान में कहा कि दोनों एडवाइजरी की तुलना करने पर यह सवाल उठता है कि क्या ब्लैक सी के लिए सुझाए गए सुरक्षा उपाय वहां मौजूद जोखिम के अनुरूप हैं।
दूतावास ने यह भी पूछा कि क्या भारत, भारतीय नागरिकों से जुड़े कथित हमलों के मामलों में पहले की तरह रूस के प्रतिनिधि से जवाब तलब करेगा। यह यूक्रेन की ओर से उठाया गया सवाल है।
13 भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नजर
यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर खड़े MV AMIR1 नामक जहाज पर 13 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
भारत के यूक्रेन स्थित दूतावास ने कहा है कि वह इन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
पहले भी हो चुका है हमला
इससे पहले 25 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह के पास MV AGN Ragnar नामक वाणिज्यिक पोत पर हमला हुआ था।
रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर चार भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें से दो अब भी लापता बताए गए हैं। भारतीय अधिकारी यूक्रेनी प्रशासन के साथ मिलकर खोज अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक यूक्रेन के आरोपों और दूतावास के दावों पर भारत के विदेश मंत्रालय या संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। यूक्रेन ने भारत की एडवाइजरी और सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं, जबकि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा पर नजर बनाए रखने की बात कह रहा है। इस मामले में आगे की कूटनीतिक प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी।
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