
✈️ एयर इंडिया हादसे पर मीडिया की रिपोर्टिंग ‘चुनिंदा और अप्रमाणित’ – AAIB का जवाब
स्थान: नई दिल्ली | दिनांक: 17 जुलाई 2025
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ब्यूरो ने कहा कि कई रिपोर्टों ने
तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया है और “चुनिंदा, अप्रमाणित और गैर-जिम्मेदाराना” निष्कर्ष निकाले गए हैं।
🔎 क्या है मामला?
12 अप्रैल 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही AI171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) फ्लाइट में तकनीकी खराबी आ गई थी। एक इंजन
उड़ान के दौरान बंद हो गया, जिससे विमान को मुंबई डायवर्ट करना पड़ा। पायलटों ने आपातकालीन प्रक्रिया अपनाते हुए विमान को सुरक्षित लैंड कराया।
🧾 AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट
प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि:
- कॉकपिट में किसी एक क्रू मेंबर ने इंजन स्विच को ‘RUN/OFF’ से ‘CUT OFF’ में बदला।
- इसके तुरंत बाद दूसरे क्रू सदस्य ने पूछा – “तुमने क्या किया?”
- हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किसने क्या किया और किस इरादे से।
📢 AAIB का बयान
“यह केवल प्रारंभिक जांच है। मीडिया द्वारा पायलटों को दोषी ठहराना तथ्यों के विरुद्ध है और अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना है।”
AAIB ने कहा कि डेटा रिकॉर्डर, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, तकनीकी विश्लेषण और क्रू के साक्षात्कार अब भी चल रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा।
⚠️ ‘प्रीमैच्योर नैरेटिव्स’ से बचने की अपील
ब्यूरो ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे किसी प्रकार की पूर्वधारणा न बनाएं और जांच पूरी होने तक प्रतीक्षा करें। AAIB का कहना है कि इस प्रकार की रिपोर्टिंग यात्रियों के मन में बेवजह डर फैलाती है और भारतीय विमानन सुरक्षा की छवि को प्रभावित करती है।
✍️ निष्कर्ष
एक ओर जहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस दुर्घटना के लिए एयर इंडिया की पायलट टीम को ज़िम्मेदार ठहराने का प्रयास किया, वहीं भारत की जांच एजेंसी AAIB ने तथ्यों के साथ सावधानी बरतने की अपील की है। यह प्रकरण मीडिया की जवाबदेही और सटीक पत्रकारिता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
