छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने शहर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए 10 दिन का विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने बुधवार, 21 अक्टूबर को जलापूर्ति विभाग के इंजीनियरों की बैठक में पाइपलाइन लीकेज, खराब वाल्व, अवैध नल कनेक्शन और टैंकरों की जांच तेज करने के निर्देश दिए। चेतावनी के बाद भी पानी बहाने वालों पर ₹25,000 तक जुर्माना और बार-बार गलती करने पर पुलिस केस दर्ज होगा।
सूखे की मार झेल रहे मराठवाड़ा के सबसे बड़े शहर में यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कई इलाकों में तीन दिन में एक बार पानी मिल रहा है। प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर लोग पानी का संयम से इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो आपूर्ति का अंतराल बढ़कर सात दिन तक हो सकता है।
मुख्य बातें
- 10 दिन का विशेष अभियान: लीकेज, खराब वाल्व, अवैध कनेक्शन और टैंकरों की जांच
- पहले 2–3 दिन समझाइश, फिर ₹5,000 से ₹25,000 तक जुर्माना
- बार-बार उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर
- नागरिक ‘जल बेल’ ऐप पर फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत कर सकेंगे, शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय
- बुधवार को सिडको, उस्मानपुरा और एसएससी बोर्ड परिसर क्षेत्र के तीन नलधारकों पर कुल ₹25,000 का जुर्माना
अभियान में क्या-क्या जांचा जाएगा?
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद रिसर्च सेंटर में हुई बैठक में आयुक्त ने लाइनमैन और सब-इंजीनियरों को अपने-अपने इलाकों का रोज सुबह निरीक्षण करने को कहा। हर वार्ड में कहां लीकेज है, इसकी जानकारी एक सप्ताह के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचानी होगी। पाइपलाइन या वाल्व की मरम्मत में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी।
टैंकरों के मामले में भरते समय होने वाली बर्बादी, वाहन का पंजीकरण नंबर और बीमा कागजात भी देखे जाएंगे। बिना अनुमति लिए गए नल कनेक्शन खोजकर उन पर कार्रवाई होगी। मनपा पहले भी इस महीने अवैध कनेक्शन काटने की मुहिम चला चुकी है।
जुर्माने का ढांचा: पहले चेतावनी, फिर कार्रवाई
मनपा ने अक्टूबर की शुरुआत में ही घोषणा की थी कि 15 अक्टूबर के बाद नल से पानी सड़क पर बहाने, बिना टोंटी के नल रखने या पीने के पानी से वाहन धोने जैसे मामलों में दंड लगेगा। पहली गलती पर ₹5,000 से शुरुआत होती है और तीसरी बार पकड़े जाने पर ₹25,000 जुर्माने के साथ आपराधिक मामला दर्ज करने का प्रावधान है। नए अभियान में भी पहले दो-तीन दिन लोगों को समझाया जाएगा, उसके बाद दंडात्मक कार्रवाई होगी।
बुधवार सुबह विशेष दस्ते ने एसएससी बोर्ड परिसर के एक होटल और उस्मानपुरा के एक कॉम्प्लेक्स पर ₹10,000-₹10,000 का दंड लगाया। एक अन्य स्थान को मिलाकर तीन नलधारकों से कुल ₹25,000 वसूले गए। इससे पहले भी शहर में पानी सड़क पर बहाने के मामलों में जुर्माना लगाया जा चुका है। (पिछली कार्रवाई की खबर पढ़ें)
जालना और मराठवाड़ा के लिए क्यों अहम?
इस साल कमजोर मानसून के कारण महाराष्ट्र की अधिकांश तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित हैं और मराठवाड़ा में भूजल स्तर तेजी से नीचे गया है। जायकवाड़ी बांध का पानी अगली गर्मी तक चलाना है, इसलिए संभाजीनगर ही नहीं, जालना जैसे पड़ोसी शहरों के लिए भी हर बूंद का हिसाब जरूरी हो गया है। जालना महानगरपालिका भी पानी चोरी रोकने के लिए विशेष दस्ते बना चुकी है। (जालना में पानी चोरी पर कार्रवाई)
विशेषज्ञ मानते हैं कि शहरी जलापूर्ति में बड़ा नुकसान पुरानी पाइपलाइनों के लीकेज से होता है। ऐसे में नागरिकों पर जुर्माने के साथ-साथ मनपा की अपनी लाइनों की मरम्मत भी उतनी ही जरूरी है। आयुक्त ने भी यही कहा है कि पानी बचाना केवल नागरिकों की नहीं, अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी है। संभाजीनगर में इससे पहले कलेक्टर ने पानी के उपयोग में 10% कटौती का आदेश भी दिया था। (10% कटौती का आदेश)
नागरिक क्या करें?
- घर के नल में टोंटी लगवाएं और अंदरूनी पाइप का लीकेज तुरंत ठीक कराएं।
- पानी आने के दिन जरूरत भर पानी भरकर नल बंद करें; सड़क या नाली में पानी न बहने दें।
- पीने के पानी से वाहन या आंगन न धोएं।
- सार्वजनिक जगह पर लीकेज दिखे तो ‘जल बेल’ ऐप पर फोटो और सटीक लोकेशन के साथ शिकायत करें।
- अवैध कनेक्शन हो तो नियमित करा लें, वरना आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: पानी की बर्बादी पर कितना जुर्माना लगेगा?
उत्तर: शुरुआती चेतावनी के बाद ₹5,000 से लेकर ₹25,000 तक का जुर्माना लग सकता है। बार-बार उल्लंघन पर एफआईआर दर्ज होगी।
प्रश्न: लीकेज की शिकायत कहां करें?
उत्तर: मनपा के ‘जल बेल’ ऐप पर फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत की जा सकती है। शिकायत करने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
प्रश्न: क्या पानी की आपूर्ति कम हो सकती है?
उत्तर: मनपा ने चेताया है कि बर्बादी नहीं रुकी तो तीन दिन की बजाय सात दिन में एक बार पानी देने की नौबत आ सकती है।
स्रोत / Source: नवभारत लाइव — https://navbharatlive.com/maharashtra/chhatrapati-sambhajinagar/chhatrapati-sambhajinagar-water-wastage-fine-and-leak-inspection-drive-auk01; पुढारी — https://pudhari.news/maharashtra/marathwada/chhatrapati-sambhajinagar/avoid-wastage-of-water-otherwise-penal-action-will-be-taken-commissioner-warns-np88
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