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लोकशाहीचा श्वास: मतभिन्नतेचा आदर आणि व्होल्टेअरचा वारसा
The content discusses the importance of freedom of expression in democracy, emphasizing that it should encompass voices from all segments of society. It criticizes the suppression of young leaders, like Raghav Chadha, in Parliament, highlighting the contradiction with democratic values. Effective democracy requires listening to dissenting voices, not silencing them.
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60 साल की राजनीति और लोकतंत्र का सवाल: क्या नई पीढ़ी के लिए जगह बचेगी? | श्याम सारस्वत
महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता शरद पवार की छह दशक लंबी राजनीतिक यात्रा के संदर्भ में लोकतंत्र, व्यक्तिपूजा, परिवारवाद और नए नेतृत्व के सवाल पर जालना के सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिक विश्लेषक श्याम सारस्वत का विशेष लेख।
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यह सिर्फ एक हादसा है, राजनीति नहीं होनी चाहिए: शरद पवार की पहली प्रतिक्रिया
भतीजे के निधन पर शरद पवार ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है और इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
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Ajit Pawar Death: अजित पवार के बाद NCP का भविष्य क्या? सुप्रिया, शरद, रोहित या पार्थ
अजित पवार के बाद NCP नेतृत्व संकट से जूझ रही है। क्या पार्टी एकजुट रहेगी या बिखरेगी? पढ़ें पूरा राजनीतिक विश्लेषण।



