जालना में बनेगा राज्य सरकार का लॉजिस्टिक पार्क — अदाणी समूह की रद्द परियोजना के बाद सरकार ने संभाली कमान, किसानों को मिलेगा कोल्ड स्टोरेज और गोदामों का लाभ
जालना : औद्योगिक और कृषि क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने जालना में नया लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। पहले यह प्रकल्प अदाणी समूह द्वारा निजी निवेश के तहत निधोना क्षेत्र में 162 एकड़ भूमि पर बनाया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से वह योजना रद्द कर दी गई। अब राज्य सरकार ने इसे सार्वजनिक परियोजना के रूप में पुनः आरंभ करने का निर्णय लिया है।
सरकार द्वारा हाल ही में जारी लॉजिस्टिक पार्क नीति के तहत महाराष्ट्र के 25 जिलों का चयन किया गया है, जिसमें जालना जिला भी शामिल है। औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जालना में करीब दस वर्ष पहले ड्राई पोर्ट परियोजना की नींव रखी गई थी, लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से वह आज तक शुरू नहीं हो सकी।
नई योजना के तहत एमआईडीसी (MIDC) के चौथे चरण में लगभग 100 एकड़ भूमि लॉजिस्टिक पार्क के लिए निर्धारित की जाएगी। इसमें किसानों और व्यापारियों के लिए आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, उन्नत गोदाम और भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल कृषि उत्पादों का संरक्षण होगा, बल्कि निर्यात एवं परिवहन व्यवस्था को भी गति मिलेगी।
ड्राई पोर्ट परियोजना के संदर्भ में अब तक चार बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन जटिल शर्तों के कारण किसी भी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई। सूत्रों के अनुसार, यदि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस परियोजना में सक्रिय हस्तक्षेप करें, तो यह योजना पुनः शुरू हो सकती है। हालांकि, विभागीय जिम्मेदारियों में बदलाव के कारण इस पर फिलहाल प्रगति नहीं हो पा रही है।
इस परियोजना को जालना में लाने का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को जाता है, जिन्होंने जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर इसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया था। लेकिन, अपेक्षित परिणाम अब तक नहीं मिले हैं।
विशेष रूप से, लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस परियोजना का ऑनलाइन लोकार्पण किया गया था। यह कार्यक्रम पूरे देश में लाइव प्रसारित हुआ, लेकिन यह केवल एक औपचारिकता साबित हुआ। उस समय ड्राई पोर्ट स्थल पर बिजली आपूर्ति भी नहीं थी, और पूरा कार्यक्रम जनरेटर से संचालित किया गया।
अब राज्य सरकार द्वारा घोषित नई लॉजिस्टिक पार्क नीति से जालना के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में नई उम्मीदें जगी हैं। यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू हुई, तो यह क्षेत्र कृषि निर्यात, परिवहन और वेयरहाउसिंग हब के रूप में उभर सकता है, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को बड़ा लाभ होगा।
रिपोर्ट : NewsNationOnline Team

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