मुंबई: रियलिटी शो बिग बॉस 20 में अभिनेता आसिफ खान अपनी निजी आस्था को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने बताया कि वह बिग बॉस हाउस में अपने साथ जानामाज लेकर पहुंचे हैं और नमाज उनके लिए मन को सुकून देने का जरिया है।
आसिफ खान के मुताबिक, शो में प्रवेश करने से पहले उन्होंने मेकर्स से साफ कहा था कि वह अपने साथ जानामाज रखना चाहते हैं। अगर इसकी अनुमति नहीं मिलती, तो वह शो में शामिल नहीं होते। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें जानामाज साथ रखने की अनुमति मिल गई।
‘जानामाज की इजाजत नहीं मिलती तो शो में नहीं आता’
आसिफ ने बताया कि नमाज उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बिग बॉस जैसे लगातार व्यस्त और कैमरों से घिरे माहौल में भी वह नमाज के लिए समय निकालना चाहते हैं।
‘मेरे लिए नमाज मेडिटेशन जैसी है’
आसिफ खान ने नमाज को अपने लिए मानसिक शांति का माध्यम बताया। उनके अनुसार, अलग-अलग लोगों के लिए सुकून पाने के तरीके अलग हो सकते हैं। किसी के लिए योग या ध्यान उपयोगी हो सकता है, जबकि उनके लिए नमाज ऐसा समय है जब वह कुछ मिनटों के लिए बाकी विचारों से खुद को अलग महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा कि जिंदगी में परिस्थितियां कैसी भी हों, वह अपने मानसिक सुकून को बनाए रखना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने शो में आने से पहले जानामाज को लेकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी।
‘पंचायत’ के दामाद जी से बिग बॉस तक
आसिफ खान को वेब सीरीज ‘पंचायत’ में दामाद जी के किरदार से खास पहचान मिली। अब वह बिग बॉस 20 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ रहे हैं। शो में उनका गेम, व्यवहार और निजी जिंदगी से जुड़े बयान दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं।
जानामाज और नमाज को लेकर आसिफ का यह बयान उनके निजी विश्वास और बिग बॉस के घर में उनकी दिनचर्या की एक झलक देता है।
स्रोत: Lifeberrys
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