“मेरे किए कामों का श्रेय कुछ लोग ले रहे हैं” — विधायक अर्जुन खोतकर का विरोधियों पर पलटवार

विधायक अर्जुन खोतकर ने विरोधियों पर तंज भरे शब्दों में कहा कि “मेरे किए गए कामों का श्रेय कुछ लोग मुफ्त में लेने की आदत डाल चुके हैं, लेकिन अब यह ओछी राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” यह तीखा बयान उन्होंने उस विवाद के संदर्भ में दिया जिसमें शहर में शुरू हुए पीआर कार्ड सर्वे के उद्घाटन फलक से उनका नाम हटा दिया गया था।

शनिवार देर रात चंदनझिरा परिसर में झोपड़ी धारकों के लिए संपत्ति प्रमाणपत्र (PR Card) वितरण के सर्वेक्षण का उद्घाटन राज्य की पर्यावरण मंत्री व जालना की पालक मंत्री पंकजा मुंडे ने किया। उद्घाटन फलक पर खोतकर का नाम न होने से शिवसैनिकों में आक्रोश फैल गया और कार्यक्रम समाप्ति के बाद नाराज कार्यकर्ताओं ने उद्घाटन फलक उखाड़कर फेंक दिया।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए खोतकर ने कहा कि यह सब “सस्ती राजनीति” है और दूसरों के कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश जनता को गुमराह करने के बराबर है। उन्होंने कहा, “जनता अच्छी तरह जानती है कि जालना के विकास में वास्तविक योगदान किसका है। हमने ईमानदारी से काम किया है और गलत तरीकों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

खोतकर यह टिप्पणी चंदनझिरा में आयोजित शिवसेना की एक बैठक के दौरान कर रहे थे, जहाँ शिवसेना शहर प्रमुख विष्णु पाचफुले, नेता गणेश राऊत और बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और विकास के मुद्दों पर दृढ़ता बनाए रखने की अपील की।

बैठक में नगरसेवक राधा कृष्ण दाभाडे, संतोष रासवे, अंबादास चितेवर, गणपत धोत्रे, अनिल ईगोले, आनंद धोत्रे, सुनील आदमाने, अनिल एकडे, मयूर एकडे, शेख रईस, प्रभाकर पवार, सिराज पठान, रितेश पाचारे और प्रदीप जामीन सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पीआर कार्ड सर्वे से जुड़ा यह विवाद आने वाले समय में जालना की राजनीति का अहम मुद्दा बन सकता है और स्थानीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।


रिपोर्ट: न्यूज़ नेशन ऑनलाइन संवाददाता | जालना

श्रेणियाँ: राजनीति, लोकल

टैग: अर्जुन खोतकर, पीआर कार्ड, जालना, शिवसेना