जालना/प्रतिनिधि. जालना के मंठा चौफुली स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह और भक्तिमय माहौल में मनाया गया. इस मौके पर शिक्षक दिवस के अवसर पर समाज और विद्यार्थियों को ज्ञान की सही दिशा देने वाले 13 शिक्षकों का विशेष सम्मान किया गया.
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी शीतल दीदी और अर्चना दीदी प्रमुख रूप से मौजूद रहीं. कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर की गई. इसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले 13 शिक्षकों को शॉल, श्रीफल और फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी शीतल दीदी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इंसान के जीवन में अच्छे संस्कार, पवित्र सोच और अच्छे गुणों की बहुत बड़ी भूमिका होती है.
उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है. एक तरफ हम भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मना रहे हैं, तो दूसरी तरफ समाज को सही दिशा देने वाले शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त कर रहे हैं.
शीतल दीदी ने कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते. वे बच्चों के मन में अच्छे संस्कार, नैतिकता, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करते हैं. पढ़ाई से इंसान को अच्छी नौकरी, पद और पैसा मिल सकता है, लेकिन अच्छे संस्कार ही उसे समाज में असली सम्मान दिलाते हैं.
उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी और तेजी से बदलते दौर में बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है. उन्हें पढ़ाई के साथ मानसिक मजबूती, अच्छे संस्कार और सही जीवन मूल्यों की भी जरूरत है. बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.
कार्यक्रम में ओम शांति परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए. पूरे कार्यक्रम के दौरान जन्माष्टमी को लेकर उत्साह और आध्यात्मिक माहौल बना रहा.

