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खाद्य तेल के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा घर का बजट, सोयाबीन से सूरजमुखी तेल तक महंगा

जालना: महंगाई से पहले ही परेशान आम परिवारों की रसोई का बजट अब खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बिगाड़ दिया है। जालना के बाजार में पिछले महीने की तुलना में सोयाबीन, पाम, सूरजमुखी और सरकी तेल के दाम बढ़े हैं। वहीं मूंगफली और करड़ी तेल के भाव में कमी आई है। इसके बावजूद रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूसरे तेल महंगे होने से परिवारों का मासिक खर्च बढ़ गया है।

जालना के थोक बाजार में फिलहाल सोयाबीन तेल करीब 157 रुपये, पाम तेल 148 रुपये, सूरजमुखी तेल 185 रुपये, सरकी तेल 178 रुपये, करड़ी तेल 260 रुपये और मूंगफली तेल 200 रुपये प्रति किलो के आसपास बताया जा रहा है। खुदरा बाजार में दुकानदार थोक भाव से करीब 5 रुपये अधिक लेकर तेल बेच रहे हैं।

चार तरह के खाद्य तेल हुए महंगे

पिछले महीने की तुलना में सोयाबीन, सरकी, पाम और सूरजमुखी तेल के भाव में करीब 5 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी बताई जा रही है। दूसरी ओर मूंगफली और करड़ी तेल के दाम में करीब 20 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। इससे इन दोनों तेलों का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिली है, लेकिन बाकी तेलों के बढ़ते भाव ने चिंता बढ़ा दी है।

पहले 115 रुपये के आसपास था तेल

कुछ समय पहले खाद्य तेल की कई किस्मों के दाम 115 रुपये प्रति किलो के आसपास या इससे कम बताए जाते थे। अब कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है। खाना बनाने में तेल रोज की जरूरत है, इसलिए परिवार चाहकर भी इसका इस्तेमाल बहुत कम नहीं कर सकते। यही कारण है कि तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर महीने के घरेलू खर्च पर पड़ता है।

गृहिणियों के लिए बजट संभालना मुश्किल

सब्जी, दाल, अनाज और दूसरी जरूरी चीजों के खर्च के बीच खाद्य तेल महंगा होने से परिवारों के सामने अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। हर महीने तय रकम में घर चलाने वाली गृहिणियों के लिए अब खर्चों का हिसाब रखना मुश्किल होता जा रहा है। तेल के दाम में लगातार उतार-चढ़ाव से ग्राहकों में भी असमंजस है और आने वाले दिनों में कीमतों में फिर बदलाव की आशंका बनी रहती है।

थोक बाजार के भाव बढ़े तो खुदरा बाजार पर असर

व्यापारियों के मुताबिक खाद्य तेल की कीमतें बाजार में उपलब्ध मात्रा, मांग और थोक बाजार के भाव से प्रभावित होती हैं। थोक भाव बढ़ने पर उसका असर खुदरा बाजार में भी दिखाई देता है। फिलहाल मूंगफली और करड़ी तेल के दाम कुछ कम हुए हैं, जबकि सोयाबीन, पाम, सूरजमुखी और सरकी तेल महंगे हुए हैं।

भारत सरकार का उपभोक्ता मामले विभाग का Price Monitoring System भी खाद्य तेलों सहित जरूरी वस्तुओं की कीमतों की नियमित निगरानी करता है। 5 सितंबर 2026 को जारी अखिल भारतीय औसत खुदरा आंकड़ों में पैक सोया तेल 165.21 रुपये, सूरजमुखी तेल 192.47 रुपये और पाम तेल 151.21 रुपये प्रति किलो दर्ज थे। ये राष्ट्रीय औसत हैं और जालना के स्थानीय बाजार भाव से अलग हो सकते हैं। citeturn0search8

“घर का पूरा बजट बिगड़ गया”

जालना के खाद्य तेल विक्रेता नितेश तोष्णीवाल ने कहा कि तेल के दाम बढ़ने से महीने का घरेलू बजट बिगड़ रहा है। खाना बनाने के लिए तेल जरूरी है, इसलिए इसका इस्तेमाल कम करना आसान नहीं है। दूसरी जरूरी चीजें पहले से महंगी हैं और अब तेल की कीमत बढ़ने से आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

गृहिणी रंजना दाभाड़े ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ने के कारण घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। खाद्य तेल महंगा होने से महीने के बजट में और कटौती करनी पड़ रही है।

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नोट: जालना के स्थानीय खाद्य तेल के भाव इस खबर के लिए उपलब्ध बाजार जानकारी के आधार पर दिए गए हैं। बाजार भाव गुणवत्ता, ब्रांड, मात्रा और कारोबारी परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं।


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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