जालना, 9 सितंबर. जिले में केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग विकास योजनाओं का काम किस तरह चल रहा है, इसकी समीक्षा के लिए बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा समिति की बैठक हुई. जिला नियोजन सभागृह में हुई इस बैठक की अध्यक्षता सांसद डॉ. कल्याण काले ने की.
बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की प्रगति और जो काम अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, उनकी विस्तार से जानकारी ली गई.
बैठक में विधायक हिकमत उढाण (घनसावंगी), विधान परिषद सदस्य सुहास सिरसाट, जिलाधिकारी और समिति की सदस्य सचिव आशिमा मित्तल, नगराध्यक्ष मिर्जा समरीन नाज, वसीम बेग, दिशा समिति सदस्य राधाकिसन तेजराव भोसले, रतन गोविंदा सोनवणे, सुनील चिंतामण तुरेराव और शिल्पा प्रदीप इंगले मौजूद थे.
इसके अलावा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्ण कांत कनवारिया, जालना महानगरपालिका आयुक्त अंजली शर्मा, परियोजना संचालक सुनीलकुमार पठारे, अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाल और निवासी उपजिलाधिकारी शशिकांत हदगल समेत संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए.
पिछली बैठक में लिए फैसलों का भी हिसाब लिया
बैठक की शुरुआत 15 सितंबर 2025 को हुई पिछली दिशा समिति की बैठक में लिए गए फैसलों और दिए गए निर्देशों पर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा से हुई.
इसके बाद मनरेगा, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान उमेद, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और फसल बीमा योजना समेत कई सरकारी योजनाओं की जिले में स्थिति की जानकारी ली गई.
गांवों की सड़क, पानी और रोजगार पर जोर
बैठक में कहा गया कि ग्रामीण इलाकों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, घरकुल, सफाई, रोजगार और खेती से जुड़ी योजनाओं को और तेजी से लागू करने की जरूरत है.
अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि जो लोग सरकारी योजनाओं के लिए पात्र हैं, उन्हें लाभ मिलने में किसी तरह की परेशानी या देरी नहीं होनी चाहिए. इसके लिए सभी विभाग आपस में तालमेल बनाकर काम करें.
अटके हुए कामों पर अधिकारियों से जवाब मांगा
जिले में अलग-अलग विभागों की ओर से चल रहे विकास कार्यों की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेते समय उन कामों पर भी खास ध्यान दिया गया, जो प्रशासनिक, तकनीकी या किसी दूसरे कारण से अटके हुए हैं.
सांसद डॉ. कल्याण काले ने संबंधित अधिकारियों से इन कामों में देरी की वजह पूछी और जरूरी कार्रवाई कर उन्हें तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए.
अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने को कहा
डॉ. काले ने कहा कि विकास कार्य सिर्फ कागजों पर पूरे नहीं होने चाहिए. काम की गुणवत्ता अच्छी हो और समय पर काम पूरा हो, इस पर खास ध्यान दिया जाए.
उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों के स्थान पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करने के भी निर्देश दिए.
सरकारी पैसे का सही इस्तेमाल जरूरी
बैठक में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले फंड का सही और प्रभावी इस्तेमाल होना चाहिए. सरकारी योजनाओं पर खर्च होने वाले पैसे का सीधा फायदा आम लोगों को मिलना जरूरी है.
अधिकारियों को यह भी कहा गया कि सरकारी योजनाओं की सिर्फ कागजी प्रगति दिखाने के बजाय यह भी देखा जाए कि वास्तव में पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं.
जनता की शिकायतों का जल्द समाधान हो
बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया गया. स्थानीय लोगों की समस्याओं और शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने की सलाह दी गई.
बैठक के अंत में सभी विभागों को लिए गए फैसलों को समय पर लागू करने और इसकी रिपोर्ट तय समय सीमा में देने के निर्देश दिए गए.
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जिले के विकास के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करने की बात कही.


