ब्रेकिंग न्यूज़ | जालना
एमपीडीए के तहत कड़ा प्रहार: कुख्यात अपराधी शेख इमरान ‘लुकड़ा’ गिरफ्तार, एक साल की नजरबंदी तय
जालना:
जालना शहर में अपराध पर शिकंजा कसते हुए कदीम जालना पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज कुख्यात अपराधी शेख इमरान शेख सलीम उर्फ सैयद इमरान सैयद सलीम उर्फ ‘लुकड़ा’ (उम्र 28 वर्ष), निवासी इंदिरानगर, पुराना जालना, को एमपीडीए (महाराष्ट्र खतरनाक व्यक्तियों एवं अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई शहर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। MPDA Action Jalna.
पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद शहर में अपराध नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक अभियान तेज किया गया था। इसी क्रम में कदीम जालना पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक जनार्दन शेवाले ने आरोपी के खिलाफ एमपीडीए अधिनियम, 1981 की धारा 3(1) के अंतर्गत विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्ताव में आरोपी पर झोपड़पट्टी गुंडागर्दी, अवैध शराब निर्माण, मादक पदार्थों से जुड़े अपराध, वीडियो पाइरेसी, अवैध रेत तस्करी, आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी, अवैध जुआ व लॉटरी संचालन तथा मानव तस्करी जैसी गंभीर गतिविधियों में संलिप्तता का उल्लेख किया गया था।
उपविभागीय पुलिस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संस्तुति के बाद यह प्रस्ताव जिलाधिकारी, जालना को भेजा गया। प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 27 जनवरी 2026 को आरोपी को एक वर्ष की अवधि के लिए केंद्रीय कारागृह हर्सूल, छत्रपती संभाजीनगर में निरुद्ध रखने के आदेश जारी किए। आदेश के बाद से आरोपी फरार था, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई थीं।
फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
2 फरवरी 2026 को शाम करीब 7 बजे पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी इंदिरानगर क्षेत्र में एक मित्र से मिलने आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने मुक्तेश्वर द्वार और इंदिरानगर परिसर में रणनीतिक घेराबंदी की। जैसे ही आरोपी अपने मित्र के घर की ओर बढ़ा, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया।
फिलहाल आरोपी को एमपीडीए कानून के तहत केंद्रीय कारागृह हर्सूल, छत्रपती संभाजीनगर में निरुद्ध करने की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से शहर में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजय कुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। अभियान में पुलिस निरीक्षक जनार्दन शेवाले, सहायक पुलिस निरीक्षक आरती जाधव, उपनिरीक्षक दिनकर मोरे सहित कदीम जालना पुलिस थाने के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।MPDA Action Jalna.

- कानून की किताबें नियम सिखाती हैं, वकालत की असली कला अनुभवी अधिवक्ता सिखाते हैं: ह्यूमन लाइब्रेरी की जरूरत🔊 लेख सुनेंगति 0.75×1×1.25×1.5×2×कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियोजालना | विशेष कानूनी रिपोर्ट — कानून की डिग्री प्राप्त करना और प्रभावी वकालत करना अलग चुनौतियां हैं। न्यायालय में बहस, पक्षकारों से संवाद, जिरह और व्यावसायिक नैतिकता का व्यावहारिक ज्ञान अनुभवी अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन से विकसित होता है। कर्नाटक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्रीधर प्रभु ने Verdictum… Read more: कानून की किताबें नियम सिखाती हैं, वकालत की असली कला अनुभवी अधिवक्ता सिखाते हैं: ह्यूमन लाइब्रेरी की जरूरत
- Law Books Teach Rules, Senior Advocates Teach Advocacy: Why India Needs Human Libraries🔊 Listen to articleSpeed 0.75×1×1.25×1.5×2×Computer-generated English audioJalna | Legal Affairs Special Report — A law degree provides foundational knowledge, but courtroom advocacy also demands practical judgment, professional ethics, client communication and experience. A Human Library can connect young lawyers with seasoned professionals. Advocate Shridhar Prabhu examined this concept in his Verdictum column published on May… Read more: Law Books Teach Rules, Senior Advocates Teach Advocacy: Why India Needs Human Libraries
- कायद्याची पुस्तके नियम शिकवतात; वकिलीची खरी कला अनुभवी वकीलच शिकवतात! ‘ह्युमन लायब्ररी’ची गरज🔊 लेख सुनेंगति 0.75×1×1.25×1.5×2×कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियोजालना | विशेष प्रतिनिधी — कायद्याची पदवी मिळविणे आणि न्यायालयात सक्षम वकील म्हणून काम करणे यात मोठा फरक आहे. न्यायालयीन युक्तिवाद, पक्षकारांशी संवाद, पुराव्यांचे विश्लेषण, उलटतपासणी आणि व्यावसायिक नैतिकता यासाठी अनुभवी वकिलांचे मार्गदर्शन आवश्यक ठरते. कर्नाटक उच्च न्यायालयातील अधिवक्ता श्रीधर प्रभू यांनी 21 मे 2024 रोजी Verdictum मधील… Read more: कायद्याची पुस्तके नियम शिकवतात; वकिलीची खरी कला अनुभवी वकीलच शिकवतात! ‘ह्युमन लायब्ररी’ची गरज
- आज के अल्फ़ाज़: किताबों वाला कमरा | 21 अक्टूबर की मौलिक हिंदी कवितापुस्तकालय, पढ़ने की आदत, जिज्ञासा और नए सपनों पर 21 अक्टूबर 2026 की मौलिक हिंदी कविता, भावार्थ और प्रेरक विचार।
- October 21 in History: Azad Hind, Trafalgar and the Aberfan DisasterExplore October 21 in history: the 1943 Azad Hind proclamation, Police Commemoration Day, the Battle of Trafalgar and the Aberfan disaster.
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


















