जालना: मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े मनोज जरांगे पाटील को छत्रपति संभाजीनगर के निजी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार लगभग 20 दिन के उपवास के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कई दिनों तक उपचार चला।
डिस्चार्ज के बाद उनके अंतरवाली सराटी जाने की बजाय जालना जिले के महाकाळा-अंकुशनगर स्थित घर जाने की जानकारी सामने आई है। यह घटनाक्रम अंतरवाली सराटी में आंदोलन स्थल का मंडप और मंच हटाए जाने के कुछ दिनों बाद सामने आया है।
जरांगे पाटील के आंदोलन और उनकी आगे की रणनीति को लेकर समर्थकों और स्थानीय स्तर पर लगातार चर्चा बनी हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके द्वारा सरकार को आगे की कार्रवाई के लिए समय देने और भविष्य में आंदोलन के अगले चरण की बात कही गई है।
अंतरवाली सराटी में हाल की ग्रामसभा में सड़क, पानी और स्वच्छता जैसे स्थानीय मुद्दे भी उठे हैं। इस पर हमारी अंतरवाली ग्रामसभा की विस्तृत खबर पढ़ सकते हैं।
नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आगे की राजनीतिक या आंदोलन संबंधी घोषणाओं के लिए संबंधित पक्षों के आधिकारिक वक्तव्यों और प्रशासनिक सूचनाओं को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।
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