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जालना की रेशमी साड़ियों को मिलेगा विश्व बाजार, पंकजा मुंडे ने वरुड और खरपुडी में देखी बुनाई

जालना रेशमी साड़ी उद्योग का दौरा करतीं पालकमंत्री पंकजा मुंडे, अधिकारियों के साथ रेशमी उत्पाद देखते हुए
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना. जालना जिले के रेशम उद्योग को बढ़ावा देकर यहां की सिल्क साड़ियों को विश्व बाजार दिलाने के लिए सरकार खास कोशिश करेगी। राज्य की पशुपालन व पर्यावरण मंत्री और जालना की पालकमंत्री पंकजा मुंडे ने यह भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को रेशम उद्योग के जरिए रोजगार देकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी पूरा सहयोग किया जाएगा।

पंकजा मुंडे ने मंगलवार को बदनापुर तालुके के वरुड स्थित गणेश सिल्क इंडस्ट्रीज और जालना तालुके के खरपुडी में कृषि विज्ञान केंद्र परिसर के रेशम हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया और रेशमी साड़ी की बुनाई का काम देखा।

जालना रेशमी साड़ी उद्योग का दौरा करतीं पालकमंत्री पंकजा मुंडे, अधिकारियों के साथ रेशमी उत्पाद देखते हुए
रेशम हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र में रेशमी उत्पादों की जानकारी लेतीं पालकमंत्री पंकजा मुंडे

जालना सिल्क साड़ी: बुनकर महिलाओं से की बात

दौरे में पालकमंत्री ने हथकरघे पर काम कर रही महिलाओं से बुनाई की जानकारी ली। रेशमी साड़ी बनाने की प्रक्रिया, उत्पादन और इस उद्योग से महिलाओं को मिलने वाले रोजगार पर भी उन्होंने संबंधित लोगों से चर्चा की।

मुंडे ने कहा कि जालना में बनने वाली सिल्क साड़ियों को देश के बाजार के साथ दुनिया भर में पहचान मिलना जरूरी है। सही बाजार मिलेगा तो स्थानीय बुनकर महिलाओं को अच्छा दाम और उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। इसके लिए सरकार हर जरूरी मदद करेगी।

जालना में हथकरघा पर रेशमी साड़ी बुनती महिलाएं और बुनाई देखतीं पालकमंत्री पंकजा मुंडे
हथकरघा पर रेशमी साड़ी की बुनाई करती महिलाओं से जानकारी लेतीं पंकजा मुंडे

प्रशिक्षण के बाद अपना कारोबार, अनुदान पर साधन

पालकमंत्री ने कहा कि रेशम उद्योग से ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव में ही रोजगार मिल सकता है। इसलिए सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर महिलाएं अपना कारोबार शुरू कर सकें, इसकी भी कोशिश होगी।

  • प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को सरकारी योजनाओं से अनुदान पर जरूरी साधन और सुविधाएं देने पर सकारात्मक कार्रवाई।
  • कौशल के इस्तेमाल से आमदनी और आत्मनिर्भरता पर जोर।
  • रेशम उद्योग के विस्तार और स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने पर चर्चा।

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खरपुडी कृषि विज्ञान केंद्र के रेशम हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र में संबोधित करतीं पालकमंत्री पंकजा मुंडे
खरपुडी के रेशम हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र में पालकमंत्री पंकजा मुंडे का स्वागत

कौन-कौन मौजूद रहे

इस मौके पर प्रभारी जिलाधिकारी रमेश मिसाळ, क्षेत्रीय रेशम कार्यालय के उपनिदेशक महेंद्र ढवळे, पूर्व रेशम विकास अधिकारी अजय मोहिते, रेशम विकास विभाग की अधिकारी निर्मला उगले, उपक्षेत्रीय अधिकारी सिंधू कापरे, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख एस. वी. सोनवणे, प्रोफेसर अजय मिटकरी, प्रोफेसर पंडित वासरे, प्रोफेसर संगीता कराळे, कृषिरत्न विजयाना बोराडे, कृषि भूषण भगवानराव काळे, संबंधित विभागों के अधिकारी, गणेश सिल्क इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरुडी गांव के सरपंच व ग्रामीण मौजूद थे।

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पृष्ठभूमि: रेशम से किसानों को अतिरिक्त कमाई

रेशम उत्पादन में शहतूत (मलबेरी) की खेती, कीटपालन और बुनाई जैसे कई चरण होते हैं, इसलिए यह ग्रामीण इलाकों में रोजगार का अच्छा जरिया माना जाता है। रेशम उद्योग से जुड़ी केंद्रीय योजनाओं की जानकारी केंद्रीय रेशम बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a senior journalist and editor of NewsNationOnline, with over 17 years of experience covering news, politics, education and social issues in Maharashtra.

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