जालना, 9 सितंबर 2026. जालना जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने बुधवार को बड़ा अभियान चलाया. जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और हाईवे प्रशासन यानी NHAI की संयुक्त कार्रवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर बने करीब 25 से 30 अतिक्रमण हटाए गए. कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों, मजदूरों और JCB मशीनों की मदद ली गई.
यह अभियान 13 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया. जिला कलेक्टर, निवासी जिला कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रशासन ने कार्रवाई की. पुलिस विभाग की ओर से पुलिस अधीक्षक और उपविभागीय पुलिस अधिकारी की निगरानी में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली गई.
गोंदी पुलिस की टीम रही तैनात
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान गोंदी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक और पुलिस उपनिरीक्षक की देखरेख में करीब 15 से 20 पुलिसकर्मियों की टीम तैनात रही. पुलिसकर्मियों ने पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कार्रवाई में किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा.
NHAI की टीम ने संभाला मोर्चा
अतिक्रमण हटाने के लिए NHAI की ओर से प्राजक्ता सातपुते, प्रतीक कांबले और डिंग्राम सिंह मौके पर मौजूद रहे. उन्होंने अभियान का समन्वय किया. अतिक्रमण हटाने के लिए करीब 15 से 20 मजदूरों की टीम, 3 JCB मशीनें और 1 ट्रॉली तैनात की गई थी.
JCB मशीनों की मदद से हाईवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण हटाए गए और सड़क के आसपास का क्षेत्र खाली कराया गया.
राजस्व विभाग की भी मौजूदगी
कार्रवाई के दौरान गोंदी के मंडल अधिकारी महेंद्र गिरवे भी मौके पर मौजूद रहे. उन्होंने राजस्व विभाग से संबंधित प्रक्रिया और कार्रवाई की निगरानी की.
प्रशासन के मुताबिक, अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर किए गए करीब 25 से 30 अतिक्रमण हटाए गए. कार्रवाई के बाद हाईवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों में हलचल देखने को मिली.
हाईवे पर कब्जा किया तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने नागरिकों से साफ अपील की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण न करें. हाईवे की जमीन पर अवैध निर्माण या कब्जा करने से यातायात प्रभावित हो सकता है और सड़क सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है.
अधिकारियों ने नागरिकों से हाईवे को अतिक्रमण से मुक्त रखने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.



