भारत ने किया अमेरिका के बयान का विरोध — ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान के झूठे दावों का किया खंडन
नई दिल्ली | 9 मई 2025 | विशेष संवाददाता
भारत ने अमेरिका द्वारा हालिया जारी बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है जिसमें ‘तनाव कम करने’ की अपील के साथ-साथ पाकिस्तान द्वारा लगाए गए नागरिक हताहतों के आरोपों का अप्रत्यक्ष समर्थन किया गया। भारत सरकार ने साफ कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ सटीक और सीमित सैन्य कार्रवाई थी, और इसमें नागरिकों को नुकसान न हो इसका विशेष ध्यान रखा गया।
पृष्ठभूमि: पहलगाम हमला और भारतीय जवाब
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की, जिसमें पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए।
विदेश सचिव का बयान
8 मई को विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत की कार्रवाई सटीक और आतंकवाद विरोधी थी। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा ‘नागरिकों’ के मारे जाने के झूठे दावों का खंडन करते हुए कहा कि:
“यह विचित्र है कि कथित नागरिकों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटकर राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जा रहा है।”
अमेरिका की मध्यस्थता और भारत की प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 मई को भारत और पाकिस्तान दोनों के नेताओं से बात कर संयम की अपील की, लेकिन साथ ही पाकिस्तान के नागरिक हताहत होने के दावे का उल्लेख किया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि:
“हम अमेरिका की अपील का सम्मान करते हैं, पर पाकिस्तान के झूठे दावों को समर्थन देना अनुचित है।”
पाकिस्तान के आरोप और भारत का जवाब
पाकिस्तान ने कहा कि भारत के हमलों में 31 लोग मारे गए, लेकिन भारत ने इसे झूठा प्रचार बताया। भारत ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात भारत के 15 शहरों में ड्रोन व मिसाइल हमले किए, जिसके जवाब में भारत ने लाहौर सहित कई ठिकानों पर वायु रक्षा प्रणाली निष्क्रिय की।
राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संसद में कहा:
“भारत ने सटीक सैन्य कार्रवाई की है, युद्ध की मंशा नहीं है। पर अगर पाकिस्तान तनाव बढ़ाता है, तो भारत तैयार है।”
फ्रांस सहित कई देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को समर्थन दिया है।
कूटनीतिक तनाव और आगे की राह
भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया है और हवाई क्षेत्र प्रतिबंध लागू कर दिया है। दोनों देशों के बीच सीमा पर गोलीबारी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान को आतंक के खिलाफ कठोर कदम उठाने को मजबूर करे।
निष्कर्ष
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि शांति उसकी प्राथमिकता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर भारत की “शून्य सहनशीलता” नीति का प्रतिबिंब है।
सूत्र:
News18 |
Hindustan Times |
India Today |
NDTV |
The Hindu
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