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जालना में 107 किसान परिवारों को सहायता का इंतजार, 2.16 करोड़ रुपये का अनुदान लंबित

सूखे खेत के पास चिंतित ग्रामीण परिवार और लंबित सहायता का प्रतीकात्मक AI चित्र, वास्तविक लाभार्थियों या सरकारी दस्तावेज की तस्वीर नहीं
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना (प्रतिनिधि)। जिले में किसान दुर्घटना सहायता के लंबित प्रस्तावों के कारण कई प्रभावित परिवार आर्थिक मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कृषि विभाग से प्राप्त बताए जा रहे विवरण के अनुसार, गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा अनुग्रह अनुदान योजना के तहत 107 प्रकरणों से जुड़ी कुल लगभग 2 करोड़ 16 लाख रुपये की निधि लंबित है। संबंधित कार्यालय ने राज्य सरकार से राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

दो वित्त वर्षों की लंबित सहायता

उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 31 किसानों के परिवारों के लिए 62 लाख रुपये लंबित हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 76 किसानों की दुर्घटनाओं में मृत्यु और एक किसान के स्थायी दिव्यांग होने की जानकारी दी गई है। इस अवधि के प्रकरणों के लिए 1 करोड़ 54 लाख रुपये की आवश्यकता बताई गई है।

आंकड़ों पर स्पष्टीकरण जरूरी: 31 और 76 मृत्यु के मामलों का योग 107 है, लेकिन विवरण में एक स्थायी दिव्यांगता का मामला भी है। इसलिए कुल 107 को मृत्यु संबंधी मामलों की संख्या मानना उचित है; दिव्यांगता वाले मामले की गणना और उसके लिए निर्धारित सहायता का विभागीय सत्यापन आवश्यक है। दोनों वर्षों की बताई गई राशि का योग 2.16 करोड़ रुपये है।

सूखे की मार के बीच आर्थिक संकट

जिले में बारिश की कमी और खेती पर पड़े असर से कई ग्रामीण परिवार पहले ही दबाव में हैं। दुर्घटना में कमाऊ सदस्य को खोने वाले परिवारों के लिए सहायता मिलने में देरी से रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की शिक्षा और खेती से जुड़े दायित्व निभाना कठिन हो सकता है। लाभार्थियों ने कृषि विभाग में आवेदन किए हैं, लेकिन बताई गई निधि उपलब्ध न होने से भुगतान रुका हुआ है।

योजना के तहत कितनी सहायता?

प्रस्तुत योजना विवरण के अनुसार, पात्र किसान की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को 2 लाख रुपये की सहायता मिलती है। दोनों आंखों की दृष्टि अथवा दोनों हाथों या पैरों की कार्यक्षमता खोने जैसे निर्धारित गंभीर मामलों में भी 2 लाख रुपये का प्रावधान है। एक आंख की दृष्टि या एक हाथ अथवा पैर की कार्यक्षमता समाप्त होने के पात्र मामलों में 1 लाख रुपये की सहायता बताई गई है। वास्तविक पात्रता और राशि लागू सरकारी नियमों तथा चिकित्सकीय प्रमाणों पर निर्भर करेगी।

कौन हो सकता है पात्र?

योजना की निर्धारित शर्तों के तहत सातबारा भूमि अभिलेख में नाम दर्ज खातेदार किसान और पात्रता नियमों के अनुसार परिवार का एक सदस्य लाभ प्राप्त कर सकता है। कुएं में गिरना, कृषि यंत्र दुर्घटना, करंट, सर्पदंश, बिच्छू का डंक, बिजली गिरना और सड़क दुर्घटना जैसे मामलों में नियमानुसार सहायता का प्रावधान बताया गया है। हर आवेदन की पात्रता दस्तावेजों और लागू शर्तों के आधार पर तय की जाती है।

सुरेश काले ने जल्द भुगतान की मांग की

स्वाभिमानी संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेश काले ने लंबित सहायता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि परिवार का कमाऊ सदस्य खोने के बाद आश्रितों को शीघ्र आर्थिक सहारा मिलना चाहिए। उनके अनुसार, लंबित प्रस्तावों के कारण पीड़ित परिवारों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से निधि तुरंत उपलब्ध कराकर पात्र परिवारों को भुगतान करने की मांग की।

सरकार से निधि जारी होने का इंतजार

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय ने लंबित अनुदान के लिए निधि की मांग राज्य सरकार को भेजी है। राशि जारी होने और लाभार्थियों के खातों में वास्तविक भुगतान की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। प्रभावित परिवारों को संबंधित कृषि कार्यालय से अपने प्रस्ताव की स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेनी चाहिए।

आधिकारिक जानकारी: महाराष्ट्र कृषि विभाग और महाराष्ट्र शासन। यह भी पढ़ें: NewsNationOnline पर अन्य हिंदी समाचार।

फीचर्ड इमेज AI द्वारा निर्मित प्रतीकात्मक चित्र है। इसमें दिखाए गए लोग, दस्तावेज और दृश्य वास्तविक लाभार्थियों अथवा आधिकारिक अभिलेखों के नहीं हैं।


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a journalist based in Jalna, Maharashtra, and district representative for Navbharat (previously with Lokmat Samachar). He edits NewsNation Online, covering Jalna, Marathwada, Maharashtra and India, and ImranJalna, covering Islamic knowledge and Muslim-world news in English, Hindi and Urdu.

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