The journey of old memories came alive: Alumni meet of Matsyodari Mahavidyalaya
जालना:मत्स्योदरी महाविद्यालय के स्नातक वर्ष 2006 के पूर्व छात्रों का स्नेह सम्मेलन रविवार (8 दिसंबर) को छत्रपति संभाजीनगर के प्रसाद लॉन्स में उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। करीब 18 साल बाद मिले सहपाठियों ने एक-दूसरे का हालचाल लिया और पुरानी यादों को ताजा किया। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इन मित्रों से मिलकर सभी का उत्साह दोगुना हो गया।
स्नातक 2006 बैच के अधिकांश छात्र व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संपर्क में बने हुए हैं। दिवाली के दौरान इस स्नेह सम्मेलन का विचार कुछ दोस्तों ने प्रस्तुत किया था, जिसे रविवार को प्रसाद लॉन्स में साकार किया गया। इस आयोजन में मुंबई, पुणे, रत्नागिरी, नासिक, जालना, छत्रपति संभाजीनगर, लोणार, गंगाखेड़ जैसे कई स्थानों से पूर्व छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत में सभी का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया। इसके बाद हर छात्र ने अपना परिचय, वर्तमान कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जानकारी साझा की। शिक्षण, पुलिस, उद्योग, बैंकिंग और राजनीति जैसे क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत सहपाठियों से मिलकर सभी ने खुशी जाहिर की।

दोपहर में स्नेहभोज का आयोजन हुआ। इसके बाद गीत, नृत्य और कविता प्रस्तुति ने माहौल को और आनंदमय बना दिया। महाविद्यालय के पुराने दिनों की यादों ने सभी को भावुक कर दिया। समूह फोटो और सेल्फी के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
इस स्नेह सम्मेलन में अगले साल फिर मिलने और सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट मोहन कायंदे और शंकर शेरे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर ऋषीबाबा शिंदे ने दिया। सम्मेलन के आयोजन में सुनील डांडगे, शंकर शेरे, जयश्री डोंगरे-महास्के और सरफराज पठान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
