<
div style=”font-family:Arial, sans-serif; line-height:1.7; color:#333; max-width:800px; margin:auto; padding:20px;”>
रातों का रहस्य: 7–8 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण
1. चंद्र ग्रहण की वैज्ञानिक समझ
साल 2025 की अंतिम पूर्णिमा — 7 सितंबर, रात 9:57 बजे से 8 सितंबर की ओर — एक अद्भुत खगोलीय घटना का साक्षी बनेगी: पूर्ण चंद्र ग्रहण, जिसे आम तौर पर ब्लड मून के नाम से जाना जाता है।
उज्जैन वेधशाला के अनुसार, ग्रहण रात 9:56 बजे शुरू होकर लगभग 1:26 बजे समाप्त होगा, और मध्य बिंदु रात 11:41 बजे होगा।
2. सूतक काल — धर्म और विधि का संगम
चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा। ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले, यानी दोपहर 12:57 बजे सूतक काल आरंभ होगा और ग्रहण समाप्ति तक जारी रहेगा। इस दौरान पूजा-पाठ, विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3. पितृ पक्ष एवं धार्मिक प्रभाव
यह ग्रहण पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के आरंभ में पड़ रहा है। इस दौरान तर्पण, श्राद्ध जैसे विधियों के नियमन की आवश्यकता बढ़ जाती है।
4. ज्योतिषीय दृष्टिकोण: राशियों पर प्रभाव और उपाय
राशियों पर प्रभाव
- मिथुन, धनु और मकर राशि के जातकों के लिए ग्रहण शुभ फलदायक।
- कुंभ राशि में ग्रहण लगने से सावधानी आवश्यक।
- कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि पर मिश्रित प्रभाव दिखाई दे सकते हैं।
दान और उपाय
- मेष — लाल मिठाई दान
- वृषभ — चावल या आटा दान
- मिथुन — हरी सब्जियाँ दान
- कर्क — दूध, दही, चीनी
- सिंह — गेहूं, मूंगफली, शहद
- कन्या — गन्ने का रस वितरण
- तुला — सफेद वस्त्र
- वृश्चिक — आलू, शकरकंद, गेहूं
- धनु — केला, मकई, पपीता
- मकर — चमड़े का जूता, सरसों का तेल
- कुंभ — काले तिल, रागी, काली सरसों, धन
- मीन — पीले वस्त्र
5. खगोलीय आकर्षण — ब्लड मून
ग्रहण के दौरान पृथ्वी की वायुमंडलीय परतों से लाल प्रभा अंकुरित होकर चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे वह लाल रंग में दिखाई देता है। नग्न आंखों से देखना सुरक्षित और अद्भुत अनुभव होता है।
6. संक्षिप्त सारांश: समय-सारिणी
| घटना | समय (IST) |
|---|---|
| सूतक काल प्रारंभ | 7 सितंबर, दोपहर 12:57 बजे |
| ग्रहण आरंभ | रात 9:56 या 9:57 बजे |
| मध्य (पिक) | रात 11:41 बजे |
| पूर्ण ग्रहण अवधि | ~11:00 से 12:22 बजे |
| ग्रहण समाप्ति | सुबह 1:26 बजे |
7. पर्यवेक्षण के सुझाव
- ब्लड मून देखना एक उत्साहवर्धक और शैक्षणिक अनुभव होता है।
- मौसम बादल वाला हो तो लाइव स्ट्रीमिंग विकल्प अपनाएँ।
- मंदिर बंद हो सकते हैं, इसलिए धार्मिक स्थानों का पूर्वदर्शन कर लें।
- ग्रहण आरंभ होने से पूर्व और पूर्ण होने के बाद स्नान, शुद्धिकरण और दान प्रदान करें।
यह ग्रहण विज्ञान, धर्म और ज्योतिष का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है।

