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जालना में अपराध बेलगाम: नौ महीनों में 34 हत्याएं, पुलिस की साख पर उठे सवाल

जालना में अपराध बेलगाम: नौ महीनों में 34 हत्याएं, पुलिस की साख पर उठे सवाल — नागरिकों में बढ़ी दहशत

जालना — जालना जिले में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। बीते नौ महीनों में 34 हत्याएं और 71 जानलेवा हमले दर्ज किए गए हैं, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था चरमराई हुई नजर आ रही है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम पुलिस व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, जबकि आम नागरिक, व्यापारी और व्यवसायी भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।

हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन पहले संभाजीनगर क्षेत्र में एक प्रसिद्ध उद्योजक के भतीजे पर अज्ञात हमलावरों ने उसके घर के सामने ही हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, गांधीनगर इलाके में दिवाली के दिन पटाखे फोड़ने के मामूली विवाद पर कुछ बदमाशों ने एक परिवार पर घर में घुसकर हमला कर दिया। इन घटनाओं से नागरिकों में असुरक्षा की भावना और गहराई है।

पुलिस की नाक के नीचे चोरी, लूट और घरफोड़ियों की बढ़ती वारदातें अब आम हो गई हैं। स्थानीय गुन्हा शाखा (LCB) की पकड़ ढीली पड़ चुकी है। छोटी-छोटी रंजिशों में खून-खराबे की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। लहुजी चौक (नूतन वसाहत) में पांच बदमाशों ने युवक की बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे पूरे शहर में आक्रोश फैल गया।

जब पूरा शहर दीपावली की तैयारियों में व्यस्त था, तब इस तरह की हिंसक वारदातों ने शांति और सुरक्षा के माहौल को पूरी तरह बिगाड़ दिया। नागरिकों का कहना है कि अपराधियों में अब कानून का कोई भय नहीं रहा।

पिछले सप्ताह विशेष पुलिस महानिरीक्षक (IG) वीरेन्द्र मिश्रा ने जालना पुलिस को अपराधों पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश जारी किए थे। इसमें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई बढ़ाने और निगरानी तंत्र मजबूत करने के आदेश शामिल थे, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। पुलिस अक्सर अपराध के बाद सिर्फ़ “जांच जारी है” कहकर मामले को टालती नज़र आती है।

नागरिकों का कहना है कि अब पुलिस को प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि सक्रिय और कठोर रुख अपनाना चाहिए। अपराधियों में भय और जनता में भरोसा लौटाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

जालना में बढ़ते अपराध और लगातार होती हत्याएं पुलिस व्यवस्था की विफलता का संकेत दे रही हैं। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो शहर की कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण से बाहर जा सकती है।


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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