न्यू जर्सी में भारतीय छात्र के साथ पुलिसिया बर्बरता का वीडियो वायरल, एनआरआई उद्यमी ने भारतीय दूतावास से की मदद की मांग
अमेरिका के न्यू जर्सी में न्यूआर्क हवाई अड्डे पर एक भारतीय छात्र के साथ कथित बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को भारतीय-अमेरिकी उद्यमी कुणाल जैन ने साझा किया है, जिसमें छात्र को जमीन पर दबाए हुए और हताश होकर रोता हुआ दिखाया गया है। कुणाल ने बताया कि छात्र को अधिकारियों ने “अपराधी” की तरह ट्रीट किया।
कुणाल जैन, जो हेल्थबोट्स एआई के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि यह युवा अपने सपनों को लेकर अमेरिका आया था, लेकिन उसे इस तरह का व्यवहार झेलना पड़ा। उन्होंने भारतीय दूतावास से इस मामले की जांच करने और छात्र की मदद करने का आग्रह किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने देखा कि एक युवा भारतीय छात्र को न्यूआर्क हवाई अड्डे से हथकड़ी पहने, रोता हुआ और अपराधी की तरह ट्रीट करते हुए डिपोर्ट किया जा रहा है। मैं एक एनआरआई होने के नाते असहाय और दुखी महसूस कर रहा हूं। यह एक मानव त्रासदी है।”
कुणाल जैन ने बताया कि छात्र हरियाणवी भाषा बोल रहा था और पिछले कुछ हफ्तों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जहां भारतीय छात्रों को इसी तरह डिपोर्ट किया गया है। उन्होंने लिखा, “ये बच्चे सुबह वीजा लेकर उड़ान भरते हैं, लेकिन किसी कारण से वे इमीग्रेशन अधिकारियों को अपने विजिट का कारण स्पष्ट नहीं कर पाते, और शाम की फ्लाइट से हथकड़ी लगाकर अपराधी की तरह वापस भेज दिए जाते हैं। हर दिन ऐसे 3-4 मामले सामने आ रहे हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्र मानसिक रूप से ठीक था, लेकिन अधिकारी उसे ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहे थे। कुणाल ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका में भारतीय दूतावास से इस मामले को संज्ञान में लेने की अपील की, साथ ही कहा, “न्यू जर्सी अधिकारियों के साथ जो कुछ हो रहा है, उसे किसी को पता लगाना होगा। मैंने उसे बहुत भ्रमित पाया।”
भारतीय कांसुलेट जनरल, न्यूयॉर्क ने सोशल मीडिया पर वायरल इस मामले को संज्ञान में लिया है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में होने की पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट किया, “हमने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट देखे हैं जिनमें दावा किया गया है कि न्यूआर्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भारतीय नागरिक को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हम स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।”
अमेरिकी सरकार ने हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर सख्ती बढ़ा दी है, जिसमें बिना पूर्व सूचना वीजा रद्द किए जा रहे हैं। विभिन्न मामलों में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जिनमें प्रो-पैलेस्टाइन विरोध प्रदर्शन से लेकर ट्रैफिक उल्लंघन तक के आरोप शामिल हैं, जिससे छात्र कानूनी संकट में फंस रहे हैं।

